मुहम्मद यूनुस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh Election News In Hindi: बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए 12 फरवरी को मतदान प्रस्तावित है, लेकिन वोट पड़ने से पहले ही मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में बड़ी हलचल देखी जा रही है। ताजा खुलासों के मुताबिक, सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और सलाहकार मतदान के परिणामों से पहले ही देश छोड़ने की फिराक में हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब कई मंत्रियों ने एक साथ अपने ‘राजनयिक पासपोर्ट’ सरेंडर करने शुरू कर दिए हैं।
आमतौर पर किसी भी देश में मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी अपने पद से हटने के बाद ही राजनयिक पासपोर्ट जमा कराते हैं। हालांकि, बांग्लादेश में स्थिति इसके उलट दिख रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यूनुस सरकार के मंत्री और सलाहकार इसलिए पासपोर्ट जमा कर रहे हैं ताकि उन्हें सामान्य पासपोर्ट पर आसानी से विदेश जाने के लिए वीजा मिल सके। जैसे ही इन्हें वीजा मिलेगा ये देश से बाहर चले जाएंगे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक वित्त सलाहकार डॉ. सालेहुद्दीन अहमद का नाम प्रमुखता से सामने आया है जिन्होंने अपना राजनयिक पासपोर्ट सरेंडर कर दिया है। सालेहुद्दीन अहमद ने सार्वजनिक रूप से इस बात को स्वीकार भी किया है। इनके अलावा सलाहकार मोहम्मद फौजुल कबीर खान द्वारा भी पासपोर्ट जमा करने की खबरें हैं। विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन ने पत्रकारों से बातचीत में पुष्टि की है कि कुछ मंत्रियों ने वीजा आवेदन के लिए पासपोर्ट सरेंडर किए हैं हालांकि उन्होंने और उनकी पत्नी ने फिलहाल ऐसा नहीं किया है।
बांग्लादेश में 12 फरवरी को मतदान होना है और 15 फरवरी तक नतीजे आने की उम्मीद है। विभिन्न चुनावी सर्वेक्षणों में तारिक रहमान की पार्टी बीएनपी की जीत की भविष्यवाणी की जा रही है। ऐसे में यूनुस सरकार के वे सलाहकार जो बीएनपी के विरोधी रहे हैं वे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और ‘सेफ एग्जिट’ की तैयारी कर रहे हैं।
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बीएनपी के निशाने पर मुख्य रूप से मोहम्मद यूनुस के अलावा रक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान, वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद, योजना सलाहकार वाहिदुद्दीन महमूद और कानूनी सलाहकार आसिफ नजरुल जैसे नाम हैं। बीएनपी समय-समय पर इन लोगों को पद से हटाने की मांग भी करती रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद होने वाली संभावित कानूनी कार्रवाइयों से बचने के लिए ये मंत्री मतदान से पहले ही सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं।