बलूचिस्तान में पाक सेना का ‘ऑपरेशन ऑल आउट’; ड्रोन और हेलिकॉप्टर से बरसी मौत, कई पुलिसकर्मी भी शहीद
BLA Operation Herof: बलूचिस्तान में तीन दिनों के संघर्ष के बाद पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण हासिल किया है। हवाई हमलों और ड्रोनों के जरिए हुई इस सैन्य कार्रवाई में अब तक 197 आतंकवादी मारे गए है।
- Written By: अमन उपाध्याय
बलूचिस्तान हिंसा की तस्वीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Balochistan News In Hindi: पाकिस्तान के खनिज समृद्ध पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच पिछले तीन दिनों से जारी भीषण जंग अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नुशकी के रेगिस्तानी शहर पर दोबारा नियंत्रण पाने के लिए हेलिकॉप्टरों और आधुनिक ड्रोनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस जवाबी कार्रवाई में अब तक 197 विद्रोहियों को मार गिराया गया है। हालांकि, इस खूनी संघर्ष में सात पुलिस अधिकारियों की भी जान चली गई है।
‘ऑपरेशन हेरोफ’ और भीषण हिंसा
यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार को पूरे प्रांत में एक साथ कई जगहों पर हमलों को अंजाम दिया। जिसे उन्होंने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ का नाम दिया। विद्रोहियों ने बैंकों, स्कूलों, बाजारों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। प्रांतीय राजधानी क्वेटा के निवासियों ने बताया कि धमाके इतने शक्तिशाली थे कि घरों की छतें और दीवारें तक हिल गईं। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पूरे प्रांत में सार्वजनिक सभाओं और प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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बलूचिस्तान में क्या है विवाद?
बलूचिस्तान में यह अलगाववादी आंदोलन दशकों से चल रहा है। विद्रोहियों का आरोप है कि केंद्र सरकार कोयला, सोना, तांबा और गैस जैसे संसाधनों से भरपूर इस प्रांत का शोषण कर रही है लेकिन यहां की जनता गरीबी में रहने को मजबूर है। बीएलए का दावा है कि उन्होंने अपने हालिया अभियानों में 280 सैनिकों को मारा है हालांकि सरकार ने हमलों में कम से कम 50 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। हाल के वर्षों में विद्रोहियों ने न केवल सुरक्षा बलों बल्कि क्षेत्र में परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी नागरिकों को भी निशाना बनाया है।
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अंतरराष्ट्रीय साजिश के आरोप
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पिछले 12 महीनों में सुरक्षा बलों ने 700 से अधिक आतंकवादियों को खत्म किया है। उन्होंने विद्रोहियों को भारत और अफगानिस्तान द्वारा समर्थित होने का आरोप लगाया है हालांकि नई दिल्ली और काबुल इन आरोपों को सिरे से खारिज करते आए हैं। फिलहाल नुशकी शहर को विद्रोहियों के कब्जे से मुक्त करा लिया गया है लेकिन प्रांत में सुरक्षा प्रतिबंध अभी भी लागू हैं और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
