बहावलपुर में LeT-JeM की गुप्त बैठक! भारत के खिलाफ ‘बड़ी साजिश’ का खुलासा, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Pakistan Terror Activity: बहावलपुर में धार्मिक जलसे की आड़ में LeT और JeM की गुप्त बैठक का खुलासा हुआ है। सैफुल्लाह कसूरी और मसूद अजहर की मुलाकात के बाद भारतीय एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
Secret LeT-JeM meeting in Bahawalpur! 'Major conspiracy' against India revealed, security agencies alert
बहावलपुर में LeT-JeM की गुप्त बैठक, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
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Bahawalpur Terror Meeting: पाकिस्तान के बहावलपुर में आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की एक संदिग्ध और गुप्त बैठक का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, इन संगठनों ने धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में एक अहम बैठक आयोजित की, जिसमें कई महिला जिहादियों की मौजूदगी भी पाई गई। इस खुलासे के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी शनिवार को बहावलपुर में आयोजित एक धार्मिक जलसे में शामिल हुआ। बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसकी मुलाकात जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर से हुई।

महिला जिहादियों की भी मौजूदगी

बहावलपुर को मसूद अजहर का मजबूत गढ़ माना जाता है और कहा जाता है कि कसूरी अक्सर उससे मिलने के लिए यहां आता है। पहलगाम हमले से पहले भी दोनों की मुलाकात हुई थी, जिससे संकेत मिलता है कि उनकी बातचीत अक्सर किसी बड़ी आतंकी योजना से जुड़ी होती है। रिपोर्टों के अनुसार, जिस कार्यक्रम में कसूरी शामिल हुआ, उसका नाम था सीरत-ए-नबी और सहीह बुखारी। यह जलसा जामिया उम्म अब्दुल अज़ीज़, तौहीद चौक, अहमदपुर ईस्ट में आयोजित हुआ था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस आयोजन में महिला जिहादियों की भी मौजूदगी देखी गई, जिसे सुरक्षा एजेंसियां भविष्य की आतंकी गतिविधियों में महिलाओं की संभावित भागीदारी के संकेत के रूप में देख रही हैं।

भारत के खिलाफ कोई न कोई नई साजिश

कसूरी और मसूद अजहर की मुलाकात के बाद भारतीय एजेंसियों ने तुरंत अलर्ट बढ़ा दिया है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि जब भी यह दोनों आतंकी नेता मिलते हैं, उसके बाद भारत के खिलाफ कोई न कोई नई साजिश सामने आती है। इसी आशंका के चलते खुफिया एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में तैनाती और निगरानी को और मजबूत कर दिया है।

एजेंसियां ये भी जांच कर रही हैं कि हालिया धार्मिक कार्यक्रम महज एक दिखावा था या इसके पीछे किसी बड़े आतंकी नेटवर्क को सक्रिय करने की योजना छिपी हुई है। महिला जिहादियों की भागीदारी ने इस खतरे को और गहरा कर दिया है, क्योंकि यह संकेत मिल रहा है कि आतंकी संगठन अपनी रणनीति बदलकर नए तरीकों से भारत को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

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