50% टैरिफ लगाने के कुछ देर बाद बदले अमेरिका के सुर, ट्रंप के मंत्री ने कहा- अंत में साथ होगें हम

US-India Relations: अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया, जिससे रिश्तों में तनाव बढ़ा। फिर भी अमेरिकी नेताओं ने भारत की तारीफ की और बातचीत के खुले दरवाजों की बात कही, खासकर व्यापार समझौते को लेकर।
50% टैरिफ लगाने के कुछ देर बाद बदले अमेरिका के सुर, ट्रंप के मंत्री ने कहा- अंत में साथ होगें हम
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

US Tariff on India: अमेरिका ने बुधवार को भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया। इससे दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। हालांकि टैरिफ लगाने के कुछ ही घंटे बाद अमेरिका के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए उन्हें शानदार व्यक्ति बताया। इसके बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अंत में भारत और अमेरिका एक हो जाएंगे।

बेसेंट ने अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का बचाव करते हुए कहा कि, राष्ट्रपति ने भारत पर टैरिफ सिर्फ रूस से तेल खरीदने के लिए नहीं लगाया है, बल्कि इस का संबंध इस बात से भी है कि भारत अमेरिका के साथ होने वाले ट्रे़ड डील को कितना लंबा खींचता है।

ट्रेड डील को लेकर चर्चा जारी

बेसेंट ने फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैंने सोचा था कि मई या जून तक हम किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे और भारत शुरुआती समझौते करने वाले देशों में शामिल हो सकता है। लेकिन उन्होंने हमें अब तक उस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया।" उन्होंने आगे कहा कि, भारत ने अब भी बातचीत के लिए अपने दरवाजे खुले रखे हैं, हालांकि कृषि और छोटे उद्योगों जैसे क्षेत्रों में भारत की कुछ स्पष्ट सीमाएं हैं।

बेसेंट ने कहा, "भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था। मुझे विश्वास है कि हम अंततः एक साथ आएंगे।" हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि क्या रूस से तेल खरीद पर भारत को अलग तरीके से देखा जा रहा है, जबकि कई अन्य देश भी ऐसा कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, यह एक उलझा हुआ रिश्ता है। राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच अच्छे संबंध रहे हैं।

सरकार ने निर्यातकों को दिया भरोसा

वहीं, भारत सरकार की ओर से टैरिफ को लेकर बातचीत के रास्ते अब भी खुले हैं और समाधान की कोशिशें जारी रहेंगी। जानकारी के मुताबिक, भारत के अलग-अलग एक्सपोर्ट ढांचे को देखते हुए टैरिफ का असर उतना गंभीर नहीं होगा, जितना शुरू में आशंका जताई जा रही थी। सरकार ने निर्यातकों से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह स्थिति दोनों देशों के रिश्तों के लिए केवल एक टेंपरेरी रूकवाट है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com