'कोशिश न करे पाकिस्तान...', भारत की धरती से अफगान मंत्री ने भरी हुंकार, शहबाज-मुनीर को लगाई फटकार

Taliban FM Amir Muttaqi India Visit: तालिबान विदेश मंत्री अमीर मुत्ताकी ने भारत से पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया, अफगान-भारत संबंधों को सहयोगपूर्ण बताया और भारत के साथ मजबूत रिश्तों की वकालत की।
'कोशिश न करे पाकिस्तान...', भारत की धरती से अफगान मंत्री ने भरी हुंकार, शहबाज-मुनीर को लगाई फटकार
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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New Delhi: एक हफ्ते के भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान हमारी हिम्मत की परीक्षा लेने की कोशिश न करे। अगर भरोसा नहीं है, तो अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो से जाकर पूछ ले कि अफगानिस्तान अब क्या है।" मुत्ताकी के इस दौरे से भारत-अफगान रिश्तों में नई गति आई है।

भारत की धरती से पाकिस्तान को दिए गए इस कड़े संदेश ने मुत्ताकी के इस दौरे को खास बना दिया है। उन्होंने कहा कि अब अफगानिस्तान की ज़मीन का एक इंच भी आतंकवादियों के कब्जे में नहीं है और देश अब शांति और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पाकिस्तान पर भरोसा नहीं

मुत्ताकी ने पाकिस्तान से रिश्तों पर बात करते हुए कहा कि हाल ही में काबुल के पास हुए बम धमाके में पाकिस्तान का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं शांति की राह में बाधा हैं। मुत्ताकी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अफगान जनता की बहादुरी को कमजोर नहीं कर सकता।

भारत को लेकर तालिबान सकारात्मक रुख

भारत को लेकर मुत्ताकी ने सकारात्मक और सहयोगपूर्ण रुख दिखाया। उन्होंने भारत द्वारा हालिया भूकंप के समय दी गई तत्काल मानवीय सहायता की सराहना की और कहा कि अफगानिस्तान भारत को एक करीबी मित्र मानता है। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान भारत के साथ आपसी सम्मान, व्यापार और जनसंपर्क पर आधारित मजबूत संबंध चाहता है और इसके लिए एक परामर्शी प्रणाली बनाने को भी तैयार है।

व्यापार को बढ़ावा देने पर बल

मुत्ताकी ने भारत-अफगान व्यापार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत, अफगानिस्तान और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय संवाद स्थापित किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने व्यापार मार्गों को खुला रखने और अमेरिकी सहयोग व टैरिफ सुधार की भी जरूरत बताई।

इस दौरे से यह संकेत मिला है कि तालिबान शासन भारत के साथ रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में गंभीर है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत को एक अहम साझेदार मानता है। भारत और अफगानिस्तान की करीबी, पाकिस्तान समेत चीन और अमेरिका की मुश्किलें बढ़ा सकती है।

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