पाकिस्तानी सेना के काबू में नहीं आ रहे बलोच विद्रोही, हमले में 8 सैनिकों की मौत, सदमे में मुनीर
Pakistan News: पाकिस्तानी सेना को बलूचिस्तान में बीएलए के आठ हमलों का सामना करना पड़ा, जिसमें आठ सैनिक मारे गए और कई घायल हुए। बीएलए ने आईईडी, ग्रेनेड और गोलाबारी से काफिलों को निशाना बनाया है।
- Written By: अक्षय साहू
बीएलए के हमले में 8 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत (फोटो- सोशल मीडिया)
Pakistan BLA Attack: पाकिस्तानी सेना के लिए बलूचिस्तान में विद्रोही समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) से लड़ना भारी पड़ रहा है। BLA ने बलूचिस्तान के कई जिलों में हुए आठ हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन हमलों में पाकिस्तानी सेना के कम से कम आठ सैनिकों की मौत हुई है। जबकि बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिक घायल हुए हैं।
लगातार हो रहे हमलों और सैनिकों की मौतों ने पाकिस्तानी सेना का हौसला बुरी तरह टूट गया है। बलूचिस्तान में तैनात अधिकतर सैनिक अब यहां की जिम्मेदारी लेने से डर रहे हैं। वहीं, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर विदेशों में घूमते हुए बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं, लेकिन उनके दावे हकीकत से बहुत दूर हैं।
बीएलए ने तेज किए हमले
शुक्रवार को जारी बयान में बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने बताया कि उनके लड़ाकों ने पंजगुर, कच्छी, क्वेटा, जीवानी, खरान, बुलेदा और दलबंदिन जिलों में हमले किए हैं। उन्होंने बताया कि सेना के काफिलों, पुलिस गश्ती दलों और आपूर्ति वाहनों को निशाना बनाने के लिए उन्होंने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), ग्रेनेड और सीधे गोलाबारी का इस्तेमाल किया।
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बीएलए के अनुसार, सबसे बड़ा हमला गुरुवार को पंजगुर जिले के पारोम इलाके में हुआ। यहां एक चौकी से निकलते समय सुरक्षा बलों के वाहन पर रिमोट कंट्रोल वाले आईईडी से हमला किया गया, जिसमें छह सैनिक मारे गए और कई वाहन पूरी तरह नष्ट हो गए। इस हमले में दर्जनों सैनिक घायल भी हुए। इसके अलावा, कच्छी जिले के कोलपुर इलाके में रेलवे ट्रैक पर गश्त कर रहे बम निरोधक दस्ते को भी निशाना बनाया गया, जिसमें एक सैनिक की मौत हुई।
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हमला कर राइफलें की जब्त
बीएलए ने 28 अगस्त को कच्छी जिले में एक और हमला किया था, जिसमें उन्होंने सेना को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया। क्वेटा के मियां घुंडी इलाके में गश्त पर तैनात पुलिसकर्मियों को बीएलए के लड़ाकों ने कुछ देर के लिए बंदी बनाया और तीन कलाश्निकोव राइफलें जब्त करने के बाद उन्हें छोड़ दिया। ग्वादर जिले के जीवानी में भी बीएलए ने सेना के एक कैंप पर ग्रेनेड हमला किया। बीएलए इसी साल पाकिस्तान से अपनी आजादी ऐलान किया था। इसके बाद से उन्हें पाकिस्तानी सेना पर कई हमले किए हैं।
