PoK भारत का अभिन्न हिस्सा…पीओके में चुनाव पर भारत सख्त, MEA बोला- अवैध कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश
PoK Assembly Elections: भारतीय विदेश मंत्रालय ने पीओके में पाकिस्तान द्वारा कराए गए तथाकथित विधानसभा चुनावों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने इसे अवैध कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश बताया।
- Written By: अमन मौर्या
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (सोर्स- IANS)
Randhir Jaiswal On PoK Elections: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कराए जा रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध ठहराने और क्षेत्र में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की एक कोशिश मात्र है। मंगलवार को विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चुनावों से जुड़े सवाल का जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट, सुसंगत और सर्वविदित है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले हिस्से भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है।
विदेश मंत्रालय ने बताया दिखावटी चुनाव प्रक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा कराया जा रहा यह तथाकथित चुनावी अभ्यास केवल एक दिखावटी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य अपने अवैध कब्जे पर पर्दा डालना और क्षेत्र में जारी मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाना है।
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प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से जारी जन आंदोलन और विरोध प्रदर्शन इस बात का प्रमाण हैं कि वहां के लोग आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और प्रशासनिक दमन का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में सामने आए विरोध प्रदर्शनों के दृश्य भी इसी वास्तविकता को दर्शाते हैं।
POK में चुनाव के दौरान जमकर हुई मारपीट और हिंसा
गौरतलब है कि, पीओके में कड़ी सुरक्षा के बीच हो रहे तीन चरणों वाले चुनाव के तहत सोमवार को वोटिंग हुई। हालांकि वोटिंग का पहला चरण मारपीट, हिंसा और चुनाव में धांधली के हवाले रहा।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) ने वोटिंग के दौरान एक-दूसरे पर चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाए जिससे इस प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। वोटिंग के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
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पीएमएल-एन समर्थकों पर लगा गोलीबारी का आरोप
पीपीपी ने आरोप लगाया कि नक्याल में वोटिंग के दौरान कोटली जिले में उसके 35 वर्षीय कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की हत्या कर दी गई और पीएमएल-एन समर्थकों पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया। पार्टी ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के उम्मीदवारों की ओर से हुई गोलीबारी की घटनाओं में हमारी पार्टी के कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-जरदारी ने हत्या पर दुख जताते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
एजेंसी इनपुट के साथ…
