बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, विनीत गोयल से पदक वापस लेने का किया अनुरोध

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल से राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक वापस लेने का अनुरोध किया।
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, विनीत गोयल से पदक वापस लेने का किया अनुरोध
शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र (सोर्स:-सोशल मीडिया)
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कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई दरिंगदी मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति गर्म कर रखी है। इसी बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल से राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक वापस लेने का अनुरोध किया।

बंगाल बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर कॉलेज व अस्पताल में हुई हिंसा में पुलिस आयुक्त विनीत गोयल की असफलता को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर उनसे पदक वापस लेने की मांग की है।

शुभेंदु अधिकारी का आरोप

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर पुलिस आयुक्त विनीत गोयल के से पदक की वापसी की मांग करते हुए बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने 14 अगस्त को आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के मामले में निष्क्रियता बरतने का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और नंदीग्राम से विधायक शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर ऐसा ही अनुरोध किया। नौ अगस्त को अस्पताल के सेमिनार हॉल में महिला चिकित्सक का शव मिला था। आरोप है कि तोड़फोड़ का उद्देश्य इस मामले में बलात्कार-हत्या से संबंधित सबूत नष्ट करना था।

शुभेंदु अधिकारी का आरोप

इसके साथ ही इस मामले में बीजेपी नेता ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1994 बैच के अधिकारी गोयल को 2013 में राष्ट्रपति पुलिस पद और 2023 में पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। जिसको लेकर अधिकारी ने आरोप लगाया कि गोयल 14 अगस्त की रात हुई तोड़फोड़ के समय कोलकाता पुलिस आयुक्त के रूप में अपना दायित्व निभाने में विफल रहे। कोलकाता पुलिस 13 अगस्त तक मामले की जांच कर रही थी, जिसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था।

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