-
रवि, 12 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- West Bengal »
- Bengal Bjp Suvendu Illegal Bangladeshi Migrants Detention Centers Hakimpur Border
बंगाल में Detect, Delete, Deport नीति का असर, घुसपैठियों में दहशत, BSF चौकी पर खुद सरेंडर कर रहे बांग्लादेशी
- Written By: अमन मौर्या
Bangladeshi Migrants Leaving West Bengal Border: बंगाल में सुवेंदु सरकार के एक्शन से अवैध प्रवासियों में हड़कंप मच गया है। डिटेंशन सेंटर भेजने के डर से बांग्लादेश सीमा पर भारी भीड़ जुटने लगी है।

बांग्लादेशी घुसपैठिए पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर (फोटो सोर्स- एआई जनरेटेड)
Suvendu Adhikari Bengal Government Illegal Immigrants: पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार आने के बाद सीएम सुवेंदु अधिकारी ‘घुसपैठिया मुक्त’ बंगाल बनाने के वादे पर ताबड़तोड़ तरीके से जुट गए हैं। दिल्ली दौरे के बाद सीएम ने सभी जिला कलेक्टरों को घुसपैठियों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाने का आदेश दिया था। सरकार के एक्शन लेने का असर दिखना शुरू हो गया है। नई सरकार द्वारा डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति शुरू किए जाने के बाद कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का समूह बांग्लादेश सीमा के पास जमा होने लगे हैं।
सीमा पर जमा हुए लोग
उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट उपमंडल में स्थित हकीमपुर एक प्रमुख सीमावर्ती क्षेत्र है। यह भारत-बांग्लादेश सीमा पर है। यहां भारत की एक महत्वपूर्ण सीमा चौकी है। जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में यहां 100 से अधिक कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासी बीएसएफ जांच चौकी के पास अपने सामान के साथ जमा हुए हैं। ये लोग कथित तौर पर कई वर्षों से भारत में रहकर मजदूरी और घरेलू काम करते थे।
डिटेंशन सेंटर में भेजे जाने का डर
बीएसएफ की जांच चौकी पर इंतजार कर रहे एक व्यक्ति ने बताया कि यदि यहां की सरकार हमें नहीं रहने नहीं देती है तो हमारे पास वापस जाने के अलावा कोई और विकल्प भी नहीं है। विधानसभा चुनाव पूर्व राज्य में कराए गए एसआईआर प्रक्रिया के कई हिस्सों में कथित तौर से अवैध प्रवासियों में दहशत का माहौल था। उस दौरान भी बड़ी संख्या में लोग अपने सामान के साथ हकीमपुर सीमा पर जमा हुए थे।
सम्बंधित ख़बरें
पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री ने अवैध शराब और गांजा कारोबार पर सख्ती के दिए निर्देश
पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने की तैयारी तेज, जस्टिस रंजना देसाई ने की नौ सदस्यीय समिति गठित
पश्चिम बंगाल में एंटी-गुंडा कानून लागू: 12 महीने तक हिरासत का प्रावधान, संपत्ति नुकसान पर भी होगी कार्रवाई
बारुईपुर कांड: मारे गए निर्दोष इंद्रजीत के परिवार से मिले CM सुवेंदु, ₹25 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी का ऐलान
#WATCH उत्तर 24 परगना: पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार द्वारा डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति शुरू किए जाने के बाद कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का एक बड़ा समूह बांग्लादेश सीमा के पास हकीमपुर चेकपोस्ट पर जमा हो गया। (26.05) pic.twitter.com/Oc7hKAW01E — ANI_HindiNews (@AHindinews) May 27, 2026
उनको डर था कि सरकार द्वारा जांच में उनके जाली कागजात उजागर हो जाएंगे और उनको पकड़कर डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। हालांकि इसके कुछ महीने बाद यह प्रक्रिया धीमी तो पड़ी, लेकिन राज्य में सरकार बदलने के बाद से लोग फिर से सीमा पर एकत्रित होने शुरू हो गए हैं।
सत्ता परिवर्तन का दिखा असर
सीमा पर अवैध घुसपैठियों के जमा होने पर बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह की वापसी पिछले साल नवंबर में ही शुरू हुई थी। इस साल की शुरुआत में इनकी संख्या कमी आई थी, लेकिन पिछले दो दिनों में इसमें काफी बढ़ोत्तरी हुई है।
अधिकारी के मुताबिक, लोगों को वापस भेजने के लिए हम आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं और अपने बांग्लादेशी समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं। बीएसएफ कर्मियों की मानें तो यहां एकत्रित हुए कई ऐसे लोग भी हैं जो स्वयं ही अधिकारियों के पास आकर बांग्लादेश वापसी की प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Supreme Court Verdict: SIR पर आज सुप्रीम फैसला, तय होंगी चुनाव आयोग की शक्तियां, कई राज्यों पर पड़ेगा असर
तेजी से खुल रहे डिटेंशन सेंटर
सीएम सुवेंदु अधिकारी के राज्य के सभी जिलों में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने के आदेश के 48 घंटे के भीतर मुर्शिदाबाद में एक डिटेंशन सेंटर खुल भी गया। साथ ही मालदा में एक और सेंटर बनाने की तैयारी तेजी से चल रही है।
Bengal bjp suvendu illegal bangladeshi migrants detention centers hakimpur border
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
भंडारा में आधी अधूरी बारिश के बीच गोसीखुर्द बांध से पानी का डिस्चार्ज बढ़ा, नदी किनारे अलर्ट जारी
Jul 12, 2026 | 09:47 AMसंभाजीनगर की नई जलापूर्ति योजना को बड़ा झटका; जायकवाड़ी बांध में एप्रोच चैनल का काम 4 महीने के लिए अटका
Jul 12, 2026 | 09:38 AM7100mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले वाला Motorola Edge 70 Max 15 जुलाई को होगा लॉन्च, फीचर्स ने बढ़ाई चर्चा
Jul 12, 2026 | 09:31 AMMuthoot Award: अलेक्जेंडर जॉर्ज मुथूट को मिला टॉप 50 सक्सेसफुल सक्सेसर सम्मान, दिया बड़ा ट्रिब्यूट
Jul 12, 2026 | 09:30 AMश्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया की हालत खराब, चार साल बाद T20 लिस्ट में छिनी नंबर-1 की कुर्सी
Jul 12, 2026 | 09:30 AM12 जुलाई का इतिहास: जब आरएसएस से हटा प्रतिबंध, स्वतंत्र भारत के इतिहास का अहम दिन
Jul 12, 2026 | 09:27 AMक्या सच में यह सिर्फ मृत्यु के बाद पढ़ा जाता है? जानिए 10 ऐसे रहस्य,जो हर इंसान को जीवन में एक बार जरूर जानें
Jul 12, 2026 | 09:26 AMवीडियो गैलरी

राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ की हुई लूट, SP सांसद अफजाल अंसारी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप; देखें VIDEO
Jul 11, 2026 | 11:16 PM
चलती ट्रेन से 8 किलोमीटर तक बाहर लटका रहा चोर! यात्रियों ने हाथों से पकड़ा तो निकल गई चीख। देखें वायरल VIDEO
Jul 11, 2026 | 10:56 PM
सुप्रीम कोर्ट के भीतर वकील बने सिरफिरे ने जजों पर उछाले कागजात, मुख्य न्यायाधीश को दी गाली! देखिए VIDEO
Jul 11, 2026 | 09:31 PM
ईरान पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा- हमारी एक हरकत से नक्शे से मिट जाएगा पूरा देश! देखें VIDEO
Jul 11, 2026 | 09:02 PM
सीलबंद पानी की बोतल में था खतरनाक एसिड, घूंट भरते ही लड़की उगलने लगी खून! देखिए VIDEO
Jul 11, 2026 | 08:44 PM
आगरा में बुलडोजर एक्शन से मची खलबली, प्रशासन ने कईं दुकानों को किया जमींदोज। देखें VIDEO
Jul 11, 2026 | 04:57 PM














