- Hindi News »
- West Bengal »
- Bengal Bjp Suvendu Illegal Bangladeshi Migrants Detention Centers Hakimpur Border
बंगाल में Detect, Delete, Deport नीति का असर, घुसपैठियों में दहशत, BSF चौकी पर खुद सरेंडर कर रहे बांग्लादेशी
- Written By: अमन मौर्या
Bangladeshi Migrants Leaving West Bengal Border: बंगाल में सुवेंदु सरकार के एक्शन से अवैध प्रवासियों में हड़कंप मच गया है। डिटेंशन सेंटर भेजने के डर से बांग्लादेश सीमा पर भारी भीड़ जुटने लगी है।

बांग्लादेशी घुसपैठिए पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर (फोटो सोर्स- एआई जनरेटेड)
Suvendu Adhikari Bengal Government Illegal Immigrants: पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार आने के बाद सीएम सुवेंदु अधिकारी ‘घुसपैठिया मुक्त’ बंगाल बनाने के वादे पर ताबड़तोड़ तरीके से जुट गए हैं। दिल्ली दौरे के बाद सीएम ने सभी जिला कलेक्टरों को घुसपैठियों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाने का आदेश दिया था। सरकार के एक्शन लेने का असर दिखना शुरू हो गया है। नई सरकार द्वारा डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति शुरू किए जाने के बाद कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का समूह बांग्लादेश सीमा के पास जमा होने लगे हैं।
सीमा पर जमा हुए लोग
उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट उपमंडल में स्थित हकीमपुर एक प्रमुख सीमावर्ती क्षेत्र है। यह भारत-बांग्लादेश सीमा पर है। यहां भारत की एक महत्वपूर्ण सीमा चौकी है। जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में यहां 100 से अधिक कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासी बीएसएफ जांच चौकी के पास अपने सामान के साथ जमा हुए हैं। ये लोग कथित तौर पर कई वर्षों से भारत में रहकर मजदूरी और घरेलू काम करते थे।
डिटेंशन सेंटर में भेजे जाने का डर
बीएसएफ की जांच चौकी पर इंतजार कर रहे एक व्यक्ति ने बताया कि यदि यहां की सरकार हमें नहीं रहने नहीं देती है तो हमारे पास वापस जाने के अलावा कोई और विकल्प भी नहीं है। विधानसभा चुनाव पूर्व राज्य में कराए गए एसआईआर प्रक्रिया के कई हिस्सों में कथित तौर से अवैध प्रवासियों में दहशत का माहौल था। उस दौरान भी बड़ी संख्या में लोग अपने सामान के साथ हकीमपुर सीमा पर जमा हुए थे।
सम्बंधित ख़बरें
घुसपैठिए दामाद नहीं जिनको बिठाकर खिलाएं, जल्दी भागो…, सुवेंदु अधिकारी की वार्निंग के बाद बॉर्डर पर हलचल तेज
हाथ कंगन को आरसी क्या… खड़गे का मोदी सरकार पर तंज, बोले- कच्चा तेल सस्ता, फिर पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों?
टीएमसी नेता दीपांकर भट्टाचार्य के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी: 80 लाख कैश बरामद, और क्या मिला?
अल्का लांबा बढ़ी मुश्किलें; 22 महीने पुराने केस में कोर्ट ने माना दोषी, 5 जून को होगी सजा, क्या था मामला?
#WATCH उत्तर 24 परगना: पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार द्वारा डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति शुरू किए जाने के बाद कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का एक बड़ा समूह बांग्लादेश सीमा के पास हकीमपुर चेकपोस्ट पर जमा हो गया। (26.05) pic.twitter.com/Oc7hKAW01E — ANI_HindiNews (@AHindinews) May 27, 2026
उनको डर था कि सरकार द्वारा जांच में उनके जाली कागजात उजागर हो जाएंगे और उनको पकड़कर डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। हालांकि इसके कुछ महीने बाद यह प्रक्रिया धीमी तो पड़ी, लेकिन राज्य में सरकार बदलने के बाद से लोग फिर से सीमा पर एकत्रित होने शुरू हो गए हैं।
सत्ता परिवर्तन का दिखा असर
सीमा पर अवैध घुसपैठियों के जमा होने पर बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह की वापसी पिछले साल नवंबर में ही शुरू हुई थी। इस साल की शुरुआत में इनकी संख्या कमी आई थी, लेकिन पिछले दो दिनों में इसमें काफी बढ़ोत्तरी हुई है।
अधिकारी के मुताबिक, लोगों को वापस भेजने के लिए हम आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं और अपने बांग्लादेशी समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं। बीएसएफ कर्मियों की मानें तो यहां एकत्रित हुए कई ऐसे लोग भी हैं जो स्वयं ही अधिकारियों के पास आकर बांग्लादेश वापसी की प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Supreme Court Verdict: SIR पर आज सुप्रीम फैसला, तय होंगी चुनाव आयोग की शक्तियां, कई राज्यों पर पड़ेगा असर
तेजी से खुल रहे डिटेंशन सेंटर
सीएम सुवेंदु अधिकारी के राज्य के सभी जिलों में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने के आदेश के 48 घंटे के भीतर मुर्शिदाबाद में एक डिटेंशन सेंटर खुल भी गया। साथ ही मालदा में एक और सेंटर बनाने की तैयारी तेजी से चल रही है।
Bengal bjp suvendu illegal bangladeshi migrants detention centers hakimpur border
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
बंगाल में Detect, Delete, Deport नीति का असर, घुसपैठियों में दहशत, BSF चौकी पर खुद सरेंडर कर रहे बांग्लादेशी
May 27, 2026 | 08:50 AM‘गहराई से विचार, सटीक फैसले और सफलता’, शिवराज सिंह चौहान ने 3 शब्दों में बताई पीएम मोदी की कार्यशैली
May 27, 2026 | 08:46 AMYavatmal Murder Case: गौवंश तस्करों का पीछा करने पर हुई हत्या, उमरखेड़ पुलिस ने 48 घंटे में दबोचे 6 आरोपी
May 27, 2026 | 08:36 AMघुसपैठिए दामाद नहीं जिनको बिठाकर खिलाएं, जल्दी भागो…, सुवेंदु अधिकारी की वार्निंग के बाद बॉर्डर पर हलचल तेज
May 27, 2026 | 08:33 AMIran Warning: अमेरिका महान शैतान और इजरायल प्रशिक्षित जानवर, ईरान के सुप्रीम लीडर की कड़ी चेतावनी
May 27, 2026 | 08:26 AMTMC के 20 सांसद भाजपा में होंगे शामिल! बंगाल में मचा सियासी बवाल, जानें क्या कहता है दल-बदल विरोधी कानून
May 27, 2026 | 08:25 AMमानसून में नहीं थमेगी मुंबई की रफ्तार, पश्चिम रेलवे की हाईटेक तैयारी पूरी; लोकल ट्रेनों के लिए बना खास प्लान
May 27, 2026 | 08:24 AMवीडियो गैलरी

पेपर लीक के बाद छात्रों का तांडव! परीक्षा केंद्रों पर तोड़फोड़ और बवाल; जानें कहां-कहां रद्द हुआ SSC GD एग्जाम
May 26, 2026 | 11:00 PM
PM मोदी के माना करने के बाद भी इतना सोना क्यों खरीदने लगे भारतीय? VIDEO
May 26, 2026 | 07:53 PM
ओंकारेश्वर मंदिर में श्रद्धालु और मंदिर कर्मियों के बीच चले लाठी-डंडे, वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा एक्शन
May 26, 2026 | 01:27 PM
अल्का लांबा बढ़ी मुश्किलें; 22 महीने पुराने केस में कोर्ट ने माना दोषी, 5 जून को होगी सजा, क्या था मामला?
May 26, 2026 | 01:10 PM
फिर बढ़े डीजल-पेट्रोल, क्या रोजमर्रा की चीजें भी होंगी महंगी? VIDEO
May 25, 2026 | 06:19 PM
सामूहिक विवाह के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: 42 परिवारों से लाखों की ठगी, न आई दुल्हन, न मिले आयोजक
May 25, 2026 | 02:40 PM












