

Sambhajinagar Jayakwadi Water Supply Project: छत्रपति संभाजीनगर शहर की बहुप्रतीक्षित नई जलापूर्ति योजना को बड़ा तकनीकी झटका लगा है। जायकवाड़ी बांध में बनने वाले एप्रोच चैनल का निर्माण कार्य अब कम से कम चार महीने तक आगे नहीं बढ़ सकेगा। कॉफर डैम को संभावित नुकसान से बचाने के लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने फिलहाल ब्लास्टिंग पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां पूरी होने और कॉफर डैम पर पीईबी संरचना स्थापित होने के बाद ही एप्रोच चैनल का निर्माण दोबारा शुरू किया जाएगा।
नई जलापूर्ति योजना के तहत जायकवाड़ी बांध में एप्रोच चैनल का निर्माण शहर की दीर्घकालिक पेयजल व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि बांध का जलस्तर कम होने पर भी जैकवेल तक पर्याप्त पानी पहुंचता रहे और गर्मी के मौसम में भी शहर को निर्बाध जलापूर्ति मिलती रहे।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि एप्रोच चैनल बनाने के लिए चट्टानों की ब्लास्टिंग आवश्यक है। लेकिन तकनीकी परीक्षण के दौरान महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अधिकारियों ने आशंका व्यक्त की कि ब्लास्टिंग से कॉफर डैम की संरचना प्रभावित हो सकती है। इस जोखिम को देखते हुए पहले कॉफर डैम को अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए पीईबी (प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग) संरचना बनाई जाएगी।
निर्माण एजेंसी के अनुसार इस कार्य में लगभग चार महीने लगेंगे। इसके बाद ही ब्लास्टिंग और एप्रोच चैनल का शेष निर्माण शुरू होगा। आयुक्त ने बताया कि प्रारंभिक योजना के अनुसार एप्रोच चैनल को 448 से 449 मीटर गहराई तक विकसित किया जाना है। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों में यदि 445 मीटर तक भी कार्य पूरा हो जाता है, तो शहर की जलापूर्ति पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा और आवश्यक मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
जायकवाड़ी बांध में जलस्तर घटने के दौरान जैकवेल तक पानी पहुंचाने के लिए एप्रोच चैनल का निर्माण किया जा रहा है। यह नई जलापूर्ति योजना का आधार माना जा रहा है। इसके पूरा होने से कम जलस्तर की स्थिति में भी शहर की पेयजल व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी। फिलहाल सुरक्षा कारणों से निर्माण कार्य में चार महीने की देरी तय मानी जा रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।