
अनंत और राधिका की शादी फंक्शन में घर के बाहर भंडारा ( सोर्स-सोशल मीडिया)
मुंबई: देश की सबसे चर्चित और सबसे महंगी शादी फाइनली खत्म हो चुकी है। इस ग्रैंड वेडिंग का फंक्शन कई दिनों तक चला। अभी भी सोशल मीडिया पर इस रॉयल वेडिंग की ही तस्वीर छाई हुी हैं। देश के सबसे बड़े बिजनेसमैन मुकेश अंबानी ने अपने बेटे अनंत अंबानी की शादी में जमकर मेहमान नवाजी की।
पूरे परिवार ने अपने सभी मेहमानों का पूरा ख्याल रखा। शादी में बुलाए गए सभी दिग्गजों को शाही दावत दिया के साथ शानदार रिर्टन गिफ्ट भी दिया गया। हालांकि VIP गेस्ट के साथ-साथ अंबानी फैमली ने 45 दिन तक 5 हजार से भी अधिक गरीबों के शाही दावत का पूरा ख्याल रखा। अब सोशल मीडिया पर इस दावत का वीडियो काफी वायरल हो रहा है।
सोशल मीडिया एक्स पर मयूर सेजपाल नाम के एक यूजर ने गरीबों के बीच चल रहे दावत का वीडियो शेयर किया। जिसके साथ उन्होंने लिखा कि मुकेश अंबानी ने शादी पर कितना पैसा खर्च किया, इसकी चर्चा तो हर कोई कर रहा है, लेकिन यह जानना भी जरूरी है कि उन्होंने यह खर्च कहां किया। उन्होंने भव्य शादी पर करोड़ों रुपये खर्च किए, यह तो स्वीकार है, लेकिन पिछले 45 दिनों से वह अपने बंगले के पास भंडारा लगा रहे हैं। जिसमें हर दिन 5000 से ज्यादा लोग भोजन करते हैं।
Everyone is talking about how much money Mukesh Ambani spent on marriage, but it is also important to know where he spent it. he spent crores of rupees on a grand wedding well accepted, but for the last 45 days he is keeping a Bhandara near his bungalow In which more than 5000… pic.twitter.com/1w4vtL0UNZ — Mayur Sejpal 🇮🇳 (@mayursejpal) July 15, 2024
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी है। एक यूजर ने लिखा कि वो चाहते तो वो भी आजकल के छोटेमोटे लोगों एक्टर की तरह डेस्टिनेशन वेडिंग कर सकते थें लेकिन उन्होंने यह पैसा भारत में खर्च किया। वहीं दूसरे ने लिखा कि उन्होंने पालघर में 50 जोड़ों का विवाह भी करवाया, तथा आस-पास के 50 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार भी करवाया है।
वहीं एक यूजर ने लिखा कि उनका पैसा, उनका तरीका है। किसी और को इस बात से क्या परेशानी होनी चाहिए कि उसने अपना पैसा कैसे खर्च किया? यह उसकी कमाई है, उसने अपने बच्चों की शादी पर खर्च किया, वह भी उसने भारत में ही खर्च किया। इसमें क्या गलत है? आखिर उसने खर्च चलाने के लिए भीख नहीं मांगी, उधार नहीं लिया या चोरी नहीं की।






