Banana Fire Experiment : सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया गया है कि 1300 डिग्री की आग में तपाने के बाद भी केले का अंदरूनी हिस्सा नहीं जला। एक्सपेरिमेंट ने लोगों को हैरान कर दिया है।
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Fire Resistant Banana Peel : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखा साइंस एक्सपेरिमेंट लोगों का ध्यान खींच रहा है। वायरल वीडियो में कंटेंट क्रिएटर आशु घई एक केले को तेज आग में तपाकर यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि क्या उसका छिलका वास्तव में आग को रोक सकता है।
वीडियो में दावा किया गया है कि करीब 1300 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली लौ के सामने लगभग 30 सेकंड तक रखने के बाद भी केले का अंदरूनी हिस्सा सुरक्षित रहता है। यह नजारा देखकर लाखों लोग हैरान रह गए और वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो में आशु घई केले के छिलके को लगातार तेज आग में गर्म करते दिखाई देते हैं। एक्सपेरिमेंट पूरा होने के बाद जब वह केले का छिलका उतारते हैं, तो अंदर का फल जला हुआ नजर नहीं आता। इसके बाद वह बताते हैं कि केले का छिलका प्राकृतिक रूप से थर्मल इंसुलेटर (Thermal Insulator) की तरह काम करता है।
उनके अनुसार, केले के छिलके में 80 प्रतिशत से अधिक पानी होता है और इसकी रेशेदार तथा स्पंजी संरचना गर्मी को सीधे फल तक पहुंचने से काफी हद तक रोकती है।
आग के संपर्क में आने पर छिलके की बाहरी सतह पर एक चार बैरियर (Char Barrier) बन जाता है, जो कुछ समय के लिए गर्मी के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि केला लंबे समय तक या हर परिस्थिति में आग से पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
आशु घई की इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर 45 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है, जबकि इसे 1.26 लाख से ज्यादा लाइक्स भी मिले हैं। वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने मजेदार प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने मजाक में लिखा, “फायर ब्रिगेड की ड्रेस केले के छिलके से बनवा दो।”
दूसरे ने पूछा, “क्या केले का छिलका पहनकर धूप में निकल सकते हैं?” वहीं कुछ लोगों ने वैज्ञानिक नजरिए से सवाल उठाते हुए कहा कि अगर केले को ज्यादा देर तक आग में रखा जाए तो वह भी जल जाएगा। कुल मिलाकर यह वायरल वीडियो लोगों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ विज्ञान से जुड़ा दिलचस्प विषय भी बन गया है।