इस्लामाबाद से लगातार आतंकी गतिविधियों के चलते भारत-पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन पाकिस्तान के एक छोटे से गांव गाह में पूर्व भारतीय पीएम मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताया गया है। यह मनमोहन सिंह का पैतृक गांव भी है। यहां के लोगों ने पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देने के लिए एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया था। उन्होंने बुधवार को मनमोहन सिंह के परिवार को गांव में आमंत्रित किया है और कहा, हमें गांव की मिट्टी से जुड़े होने पर गर्व है। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के पैतृक गांव के निवासी और माध्यमिक विद्यालय में हेड मास्टर अल्ताफ हुसैन ने बताया कि पूर्व भारतीय पीएम उनके पिता के सहपाठी थे। उन्होंने बताया कि जब भी वह मनमोहन सिंह का नाम स्कूल के रिकॉर्ड में देखते थे तो उन्हें गर्व होता था। मैं सोचता था कि यहीं जमीन पर बैठने वाला बच्चा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधानमंत्री बनेगा यह किसी ने ख्वाब में भी नहीं सोचा होगा।
इस्लामाबाद से लगातार आतंकी गतिविधियों के चलते भारत-पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन पाकिस्तान के एक छोटे से गांव गाह में पूर्व भारतीय पीएम मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताया गया है। यह मनमोहन सिंह का पैतृक गांव भी है। यहां के लोगों ने पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देने के लिए एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया था। उन्होंने बुधवार को मनमोहन सिंह के परिवार को गांव में आमंत्रित किया है और कहा, हमें गांव की मिट्टी से जुड़े होने पर गर्व है। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के पैतृक गांव के निवासी और माध्यमिक विद्यालय में हेड मास्टर अल्ताफ हुसैन ने बताया कि पूर्व भारतीय पीएम उनके पिता के सहपाठी थे। उन्होंने बताया कि जब भी वह मनमोहन सिंह का नाम स्कूल के रिकॉर्ड में देखते थे तो उन्हें गर्व होता था। मैं सोचता था कि यहीं जमीन पर बैठने वाला बच्चा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधानमंत्री बनेगा यह किसी ने ख्वाब में भी नहीं सोचा होगा।






