BAFTA में गूंजा भारत का नाम, मणिपुर की फिल्म ‘बूंग’ पर गदगद हुए पीएम मोदी, पोस्ट शेयर कर दी बधाई

Boong BAFTA Award 2026: मणिपुर की फिल्म ‘बूंग’ ने बाफ्टा अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी, जिस पर पीएम मोदी ने भी गर्व जताया।
BAFTA में गूंजा भारत का नाम, मणिपुर की फिल्म ‘बूंग’ पर गदगद हुए पीएम मोदी, पोस्ट शेयर कर दी बधाई
पीएम मोदी का सोशल मीडिया पोस्ट (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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PM Narendra Modi Congratulates Gugun Kipgen: भारतीय सिनेमा के लिए यह गौरव का क्षण है। मणिपुर की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म बूंग ने प्रतिष्ठित बाफ्टा पुरस्कार जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि ‘बूंग’ इस सम्मान को हासिल करने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है।

दरअसल, इस ऐतिहासिक जीत पर देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिल्म की पूरी टीम को बधाई देते एक्स पर एक पोस्ट सेयर किया। जिसमें कहा कि यह पल न केवल भारतीय सिनेमा, बल्कि खासतौर पर मणिपुर के लिए बेहद गर्व का विषय है। उन्होंने इसे भारत की रचनात्मक प्रतिभा और सांस्कृतिक विविधता का प्रमाण बताया।

भावनाओं से भरी है बूंग की कहानी

फिल्म की कहानी मणिपुर के सामाजिक और पारिवारिक ताने-बाने को संवेदनशील तरीके से दर्शाती है। यह एक छोटे लड़के ‘बूंग’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार गूगुन किपगेन ने निभाया है। बूंग अपनी मां मंदाकिनी के साथ रहता है, जो अकेले अपने बेटे की परवरिश कर रही है।

अपने लापता पिता को ढूंढने की उम्मीद में बूंग अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ एक भावनात्मक सफर पर निकलता है। इस यात्रा के दौरान मां-बेटे के रिश्ते, मासूमियत, संघर्ष और उम्मीद को बेहद सादगी और गहराई से दिखाया गया है।

मणिपुर की संस्कृति को मिला वैश्विक मंच

फिल्म ‘बूंग’ की सबसे बड़ी ताकत इसकी प्रामाणिकता है। फिल्म ने मणिपुर की संस्कृति, परंपराओं और वहां के जीवन की सच्ची झलक दुनिया के सामने रखी। अक्सर पूर्वोत्तर भारत की कहानियां मुख्यधारा सिनेमा में कम नजर आती हैं, लेकिन इस फिल्म ने उस कमी को पूरा किया है।फिल्म का निर्माण एक्सेल एंटरटेनमेंट, चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट और सूटेबल पिक्चर्स  ने मिलकर किया है।

अवॉर्ड से आगे की बात

आपको बता दें कि ‘बूंग’ की सफलता सिर्फ एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं है। यह उन अनकही कहानियों की जीत है, जो भारत के दूरदराज इलाकों में छिपी हैं। फिल्म ने साबित कर दिया कि सच्ची और दिल से कही गई कहानी सीमाओं को पार कर सकती है। फिलहाल, बाफ्टा 2026 में मिली इस कामयाबी ने भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी है, जहां कला, संवेदना और संस्कृति को भी उतनी ही अहमियत मिलती है जितनी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को।

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