Bihar Government Employment Plan: बिहार सरकार के ‘सात निश्चय’ के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली ‘कुशल युवा कार्यक्रम’ (KYP) योजना ने अपने नौ सफल वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस गौरवशाली अवसर पर मनीष वर्मा ने न केवल योजना की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि राज्य की समसामयिक राजनीति और गठबंधन के अंतर्विरोधों पर भी बेबाक राय रखी।
बिहार में कौशल विकास की दिशा में ‘कुशल युवा कार्यक्रम’ के नौवें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यभर से करीब 1800 केंद्रों के संचालक एकत्रित हुए। मनीष वर्मा ने बताया कि साल 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा ‘सात निश्चय’ के अंतर्गत शुरू किया गया यह कार्यक्रम आज बिहार के हर ब्लॉक में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
वर्मा ने कहा, “इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसका समावेशी प्रशिक्षण मॉडल है। अब तक राज्य के 30 लाख से अधिक युवाओं को इसके माध्यम से शिक्षित और प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसमें सबसे उत्साहजनक आंकड़ा रोजगार का है; इन प्रशिक्षित युवाओं में से 10 लाख युवाओं को रोजगार प्राप्त हो चुका है, जो बिहार सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को 240 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें कंप्यूटर शिक्षा, व्यवहार ज्ञान और भाषा कौशल (लैंग्वेज) के तीन मुख्य स्तंभ शामिल हैं।”
Bihar Government Employment Plan: बिहार सरकार के ‘सात निश्चय’ के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली ‘कुशल युवा कार्यक्रम’ (KYP) योजना ने अपने नौ सफल वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस गौरवशाली अवसर पर मनीष वर्मा ने न केवल योजना की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि राज्य की समसामयिक राजनीति और गठबंधन के अंतर्विरोधों पर भी बेबाक राय रखी।
बिहार में कौशल विकास की दिशा में ‘कुशल युवा कार्यक्रम’ के नौवें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यभर से करीब 1800 केंद्रों के संचालक एकत्रित हुए। मनीष वर्मा ने बताया कि साल 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा ‘सात निश्चय’ के अंतर्गत शुरू किया गया यह कार्यक्रम आज बिहार के हर ब्लॉक में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
वर्मा ने कहा, “इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसका समावेशी प्रशिक्षण मॉडल है। अब तक राज्य के 30 लाख से अधिक युवाओं को इसके माध्यम से शिक्षित और प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसमें सबसे उत्साहजनक आंकड़ा रोजगार का है; इन प्रशिक्षित युवाओं में से 10 लाख युवाओं को रोजगार प्राप्त हो चुका है, जो बिहार सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को 240 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें कंप्यूटर शिक्षा, व्यवहार ज्ञान और भाषा कौशल (लैंग्वेज) के तीन मुख्य स्तंभ शामिल हैं।”






