प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। दिल्ली लाल किला ब्लास्ट जांच के दौरान यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में कार्यरत संदिग्ध डॉक्टरों के पकड़े जाने के बाद सिद्दीकी पर शिकंजा कसा गया। जांच में खुलासा हुआ है कि सिद्दीकी ने 2018-25 के बीच अवैध रूप से करीब 415 करोड़ रुपये जुटाए और ट्रस्ट का पैसा अपने परिवार की कंपनियों में डायवर्ट किया। उन पर तबलीगी जमात के जरिए जकात के नाम पर टेरर फंडिंग करने का भी शक है, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में हुआ। कोर्ट ने सिद्दीकी को 13 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। ED ने 19 ठिकानों पर छापेमारी कर 48 लाख रुपये कैश और डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं। सिद्दीकी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। दिल्ली लाल किला ब्लास्ट जांच के दौरान यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में कार्यरत संदिग्ध डॉक्टरों के पकड़े जाने के बाद सिद्दीकी पर शिकंजा कसा गया। जांच में खुलासा हुआ है कि सिद्दीकी ने 2018-25 के बीच अवैध रूप से करीब 415 करोड़ रुपये जुटाए और ट्रस्ट का पैसा अपने परिवार की कंपनियों में डायवर्ट किया। उन पर तबलीगी जमात के जरिए जकात के नाम पर टेरर फंडिंग करने का भी शक है, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में हुआ। कोर्ट ने सिद्दीकी को 13 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। ED ने 19 ठिकानों पर छापेमारी कर 48 लाख रुपये कैश और डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं। सिद्दीकी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।






