

Nepal Parliamentary Election: नेपाल की राजनीति में इस समय झापा-5 संसदीय क्षेत्र चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 5 मार्च को होने वाले आगामी संसदीय चुनावों में यहां एक ऐसा मुकाबला होने जा रहा है जिसे 'परंपरा बनाम नई पीढ़ी' की जंग कहा जा रहा है। एक तरफ नेपाल के कद्दावर नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली हैं तो दूसरी तरफ इंजीनियर और मशहूर रैपर से राजनेता बने बालेन शाह चुनावी मैदान में उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं।
झापा-5 को लंबे समय से कम्युनिस्टों का मजबूत गढ़ और केपी शर्मा ओली का राजनीतिक किला माना जाता रहा है। यह ओली का इस सीट से आठवां चुनाव है। ओली 34 साल पहले पहली बार इसी सीट से निर्वाचित हुए थे। आमतौर पर ओली देश भर में घूमकर अपनी पार्टी (यूएमएल) के लिए चुनाव प्रचार करते थे लेकिन इस बार समीकरण बदल गए हैं। बालेन शाह की लोकप्रियता और उनके मैदान में उतरने के कारण ओली को अपना अधिकांश समय अपने ही चुनाव क्षेत्र में देना पड़ रहा है जिससे वे अन्य क्षेत्रों में प्रचार के लिए कम जा पा रहे हैं।
काठमांडू महानगर के पहले निर्दलीय मेयर रहे बालेन शाह ने इस साल जनवरी में अपने पद से इस्तीफा देकर झापा-5 से चुनाव लड़ने का फैसला किया। बालेन को नेपाल की Gen-Z पीढ़ी और युवाओं का जबरदस्त समर्थन हासिल है। सितंबर 2025 में जब ओली सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए थे तब बालेन इन प्रदर्शनकारियों के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे थे। सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स रखने वाले बालेन अपने तीखे विचारों और पारंपरिक राजनीतिक दलों को चुनौती देने के लिए जाने जाते हैं।
बालेन शाह इस बार राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। आरएसपी ने उन्हें न केवल एक उम्मीदवार बल्कि भविष्य के संभावित प्रधानमंत्री के रूप में पेश किया है। बालेन और ओली के बीच सोशल मीडिया पर लंबे समय से चल रही तीखी बयानबाजी अब जमीन पर एक बड़े चुनावी संघर्ष में बदल गई है।
झापा-5 में कुल 1,63,379 पंजीकृत मतदाता हैं। हालांकि यह क्षेत्र कम्युनिस्टों का गढ़ है लेकिन 2023 में दिखे 'स्विंग वोट' के रुझान ने बालेन शाह की उम्मीदें जगा दी हैं। यह चुनाव न केवल झापा-5 का भाग्य तय करेगा बल्कि यह भी तय करेगा कि नेपाल की राजनीति में पारंपरिक ताकतों का दबदबा बना रहेगा या नई पीढ़ी बदलाव की लहर लाएगी।