Amravati News: शिवसेना शिंदे, उबाठा व बसपा ने बनाया गुट, शिंदे-उबाठा समीकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं

Amravati Politics: अमरावती मनपा में शिवसेना शिंदे, उबाठा और बसपा पार्षदों के गठजोड़ से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जिसे लेकर शहर और राज्यभर में चर्चाएं हो रही हैं।
BSP corporators group
Amravati Municipal Standing Committee (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Amravati Municipal Standing Committee: राज्य स्तर पर जहां एक ओर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उबाठा प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच तीखा राजनीतिक विरोध देखने को मिलता है, वहीं दूसरी ओर मनपा की शुक्रवार को हुई सर्वसाधारण सभा में शिवसेना (शिंदे गुट), उबाठा और बसपा के पार्षदों ने मिलकर एक गुट बना लिया। इस गठजोड़ के चलते एक स्वीकृत सदस्य तथा स्थायी समिति में एक सदस्य की नियुक्ति संभव हो पाई है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में आश्चर्य पैदा कर दिया है और शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

मनपा सभागृह में शिवसेना शिंदे गुट के 3, बसपा के 3 और उबाठा के 2 पार्षदों ने मिलकर आठ सदस्यीय गुट बनाया। इन सदस्यों के समर्थन से कट्टर पूर्व शिवसैनिक दिनेश बूब को स्वीकृत सदस्य बनाया गया। वहीं स्थायी समिति के सदस्य के रूप में साईं नगर से दूसरी बार पार्षद चुनी गई मंजुषा प्रशांत जाधव की नियुक्ति की गई।

राजनीतिक हलकों में चर्चा

उल्लेखनीय है कि इससे पहले एमआईएम की मीरा कांबले ने महापौर और उपमहापौर चुनाव में हाथ उठाकर सहमति जताई थी। उस समय भी पूरे राज्य में काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। भाजपा और एमआईएम की विचारधाराएं विपरीत होने के बावजूद उनके बीच बनी समझ ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया था।

मंत्री राठोड़ ने लगाई फील्डिंग

लोकसभा चुनाव में हार के बाद राजनीति से लगभग विलुप्त हो चुके दिनेश बूब की महानगरपालिका में अचानक हुई एंट्री ने सभी को हैरान कर दिया है। बताया जा रहा है कि राज्य के मंत्री एवं यवतमाल जिले के पालकमंत्री संजय राठोड़ से सीधे संपर्क कर दिनेश बूब ने महानगरपालिका में अपना स्थान सुनिश्चित किया।

‘राजनीति में कुछ भी संभव’ की चर्चा तेज

महापौर और उपमहापौर चुनाव के दौरान एमआईएम सदस्य के समर्थन के बाद, शुक्रवार को स्वीकृत सदस्य के चयन में हुए घटनाक्रम ने “राजनीति में कुछ भी संभव है” वाली चर्चा को और हवा दे दी है। अमरावती में बने इस अप्रत्याशित गठजोड़ को लेकर राज्यभर में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

इकलौते निर्दलीय पार्षद रह चुके हैं बूब

पिछले कार्यकाल (2017) में दिनेश बूब मोरबाग प्रभाग से चुनकर आए थे और पूरे सदन में इकलौते निर्दलीय पार्षद थे। इस बार शुरुआत में उन्होंने पार्षद चुनाव में अरुचि दिखाई थी, लेकिन उनकी अचानक हुई एंट्री से सभी दल हैरान हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com