दिल्ली ब्लास्ट में सबसे बड़ा खुलासा... डॉक्टरों ने बना लिया था नया आतंकी संगठन, क्या था मकसद?

Ansar Interim Terror Group : दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर एक पास पिछले साल हुए कार ब्लास्ट मामले में नए खुलासे हुए हैं। एनआईए के मुताबिक डॉक्टरों ने अपना नया आतंकी संगठन बना लिया था।
The biggest revelation in the Delhi blasts...doctors had formed their own terrorist organization
दिल्ली ब्लास्ट की भयावाह तस्वीर। इमेज-सोशल मीडिया
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Delhi Car Blast Update News : श्रीनगर पुलिस और एनआईए (NIA) की संयुक्त तफ्तीश में एक ऐसे आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। सफेद कोट पहनकर लोगों की जान बचाने का संकल्प लेने वाले कुछ डॉक्टर ही मौत का सामान तैयार कर रहे थे। अंसार अंतरिम नाम के इस मॉड्यूल की जांच में यह खौफनाक खुलासा हुआ है कि लाल किले के पास हुए बम धमाके के पीछे इसी गिरोह का हाथ था।

जांच रिपोर्ट के अनुसार इस आतंकी नेटवर्क की नींव अप्रैल 2022 में श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक गुप्त बैठक के दौरान रखी गई थी। बैठक में डॉक्टर मुजमिल गनी, उमर-उन-नबी और अदील राथर जैसे उच्च शिक्षित लोग शामिल थे। यहीं पर अंसार अंतरिम के गठन का फैसला लिया गया, जिसमें अदील को चीफ और मौलवी इरफान को डिप्टी चीफ की जिम्मेदारी सौंपी गई। इनका मकसद केवल कश्मीर तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों को दहलाना था।

यूनिवर्सिटी के पास बम बनाने की ट्रेनिंग

इस मॉड्यूल की सबसे डराने वाली बात यह थी कि इसके सदस्य ऑनलाइन वीडियो और मैनुअल्स की मदद से IED और TATP जैसे खतरनाक विस्फोटक बनाना सीख रहे थे। गिरोह का मुख्य सदस्य डॉक्टर उमर (जिसकी अब मौत हो चुकी है) हरियाणा के फरीदाबाद और नूंह से विस्फोटक सामग्री जुटा रहा था। उसने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास एक किराए के कमरे को अपना टेरर बेस बनाया था, ताकि किसी को शक न हो।

10 नवंबर को हुआ था धमाका

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉक्टर उमर दिल्ली में किसी भीड़भाड़ वाले इलाके या धार्मिक स्थल पर कार बम धमाका करने की फिराक में था। मगर, जब श्रीनगर में मुजमिल गनी की गिरफ्तारी हुई और विस्फोटक पकड़ा गया तो उमर घबरा गया। इसी हड़बड़ाहट और पकड़ाने के डर से उसने 10 नवंबर को लाल किले के बाहर समय से पहले ही धमाका कर दिया। इस दुखद घटना में एक दर्जन से ज्यादा मासूम लोगों की जान चली गई थी।

पोस्टर से शुरू हुई थी तफ्तीश

सफेदपोश डॉक्टरों के इस काले चेहरे का खुलासा तब शुरू हुआ, जब अक्टूबर 2023 में श्रीनगर के बाहरी इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर दिखाई दिए। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालने और स्थानीय गिरफ्तारियों के बाद कड़ियां जुड़ती गईं। अब एनआईए इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस डॉक्टर गैंग के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

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