

देहरादून: उत्तराखंड कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी रचिता जुयाल ने 10 साल की सेवा के बाद इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। खुद रचिता ने इस फैसले के पीछे निजी कारण बताए हैं और कहा कि हर किसी की जिंदगी में कुछ सपने होते हैं जिन्हें पूरा करने की चाह होती है। परिवार से लंबी चर्चा के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने यह भी साफ किया कि उत्तराखंड के लिए उनका प्रेम हमेशा बना रहेगा और वह किसी न किसी रूप में राज्य के लिए योगदान देती रहेंगी।
IPS रचिता जुयाल का इस्तीफा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल ही में वे विजिलेंस में रहते हुए कई सख्त कार्रवाइयों के लिए सुर्खियों में थीं। उन्होंने एक पुलिस दारोगा को ट्रैप कर विभाग में हलचल मचा दी थी। इससे पहले वे अल्मोड़ा और बागेश्वर जैसे जिलों में एसपी के तौर पर अपनी सख्त कार्यशैली के लिए पहचानी गईं। अब उनके अचानक लिए गए फैसले ने प्रदेश में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेजतर्रार अफसर, सख्त फैसले उत्तराखंड पुलिस महकमे में रचिता जुयाल को एक निष्पक्ष और कर्मठ अधिकारी के रूप में देखा जाता था। विजिलेंस एसपी रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के कई मामलों में कार्रवाई की और एक दारोगा को रंगे हाथों पकड़वाया था। इससे लोगों का विजिलेंस पर भरोसा बढ़ा। इससे पहले वे अल्मोड़ा और बागेश्वर में बतौर एसपी कार्य कर चुकी थीं, जहां उनकी कार्यशैली की सराहना हुई थी।
निजी जीवन भी रहा चर्चा में
रचिता जुयाल का व्यक्तिगत जीवन भी चर्चा में रहा है। उन्होंने दो साल पहले यशस्वी जुयाल से शादी की थी जो फिल्म निर्माता हैं और चर्चित कलाकार राघव जुयाल के भाई हैं। उनकी लव स्टोरी कोरोना काल में शुरू हुई थी और सोशल मीडिया पर उन्होंने खुद इसे साझा किया था। रचिता के पिता भी पुलिस सेवा में थे, और उन्हीं को देखकर उन्होंने इस सेवा में आने का फैसला किया था। अब उनका इस्तीफा कई के लिए एक आश्चर्य है।