'केजरीवाल काल' से भी बदतर हुआ दिल्ली का हाल! AQI पहुंचा 440 के पार, फिर लागू किया गया ग्रैप-IV

Delhi GRAP-IV: दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अपने सबसे खराब लेवल पर पहुंच गया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का AQI 441 पर पहुंच गया।
Rekha Gupta and arvind kejriwal delhi pollution
रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल (डिजाइन फोटो)
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Delhi Air Pollution: दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अपने सबसे खराब लेवल पर पहुंच गया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का AQI 441 पर पहुंच गया। यह इस साल रिकॉर्ड किया गया सबसे खराब AQI है। इससे पहले नवंबर में तीन दिन ऐसे थे जब इंडेक्स 400 से ऊपर था जो गंभीर कैटेगरी में आता है।

अब एक बार फिर से प्रदूषण बढ़ा हैं। यह गंभीर कैटेगरी में चौथा दिन है। दिल्ली के ज़्यादातर इलाकों में AQI 400 से ऊपर बना हुआ है। यह दिल्ली में AQI का सबसे खराब लेवल है, जिसके बाद राष्ट्रीय राजधानी और NCR क्षेत्र में GRAP-IV लागू कर दिया गया है।

प्रदूषण ने तोड़ दिया साल का रिकॉर्ड

इससे पहले 11 नवंबर को दिल्ली का AQI 428 था। यह साल का सबसे प्रदूषित दिन था, लेकिन आज के आंकड़ों ने उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। शनिवार को 441 के AQI के साथ, दिल्ली के लोगों ने साल की सबसे ज़हरीली हवा का सामना किया। 12 नवंबर को इंडेक्स 418 था, और 13 नवंबर को यह 404 था। इसका मतलब है कि इस साल यह चौथा दिन है जब हवा की क्वालिटी गंभीर कैटेगरी में है।

अधिकतम इलाकों में AQI 400 पार

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के डेटा से पता चलता है कि दिल्ली के ज़्यादातर इलाकों में AQI 400 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। शाम 4 बजे तक, दिल्ली के 15 इलाकों में AQI 450 से ऊपर था। 401 से 450 के बीच AQI को गंभीर माना जाता है, जबकि 451 से 500 के बीच इंडेक्स को बहुत गंभीर माना जाता है।

केजरीवाल के काल से बुरा हुआ हाल!

पिछले दिन यानी शुक्रवार को दिल्ली का AQI 349 था। पिछले 24 घंटों में इसमें 82 अंकों की तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के वातावरण में धूल और धुएं की एक परत छाई हुई है। कहा जा रहा है कि स्थिति केजरीवाल सरकार के समय से भी ज़्यादा खराब है, क्योंकि पहले दिसंबर के मध्य तक प्रदूषण से निजात मिलनी शुरू हो जाती थी।

अगले कुछ दिन राहत के आसार नहीं

दिल्ली में हवा की गति आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। बढ़ती ठंड के साथ यह प्रदूषण के कणों को ज़्यादा समय तक वातावरण में निलंबित रहने का कारण बन रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक दिल्ली के लोगों को प्रदूषित हवा से कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है।

दिल्ली में क्यों लगातार बढ़ रहा प्रदूषण?

विशेषज्ञों का कहना है कि कम हवा की गति, धूल और धुएं के कारण प्रदूषण तेज़ी से बढ़ रहा है। गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, सड़कों और कंस्ट्रक्शन साइट्स से उड़ने वाली धूल, और ठोस कचरा और बायोमास जलाने से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण हवा की धीमी गति है, जिससे प्रदूषक कण फैल नहीं पाते।

शनिवार को दोपहर 3 बजे दिल्ली-NCR में PM10 का औसत लेवल 425 और PM2.5 का औसत लेवल 258 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था। हवा तभी हेल्दी मानी जाती है जब PM10 का लेवल 100 से कम और PM2.5 का लेवल 60 से कम हो। इस तरह दिल्ली की हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा तय लिमिट से चार गुना ज़्यादा है।

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