अफगान शरणार्थियों पर कहर, पाकिस्तान-ईरान से बड़े पैमाने पर जबरन निकाले गए लोग, UNHCR ने जताई चिंता

Afghan Refugees Deportation: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव का असर अब सीधे अफगान शरणार्थियों पर पड़ता दिख रहा है। बीते दो दिनों में 10,000 से ज्यादा अफगान शरणार्थियों को जबरन वापस भेजा गया।
Afghan refugees face hardship, large-scale forced expulsions from Pakistan and Iran, UNHCR expresses concern.
अफगान शरणार्थियों पर कहर, फोटो (सो.रॉयटर्स )
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Pakistan Afghanistan Tension: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं और इसका सीधा असर अफगान शरणार्थियों पर पड़ रहा है। पाकिस्तान और ईरान से बड़ी संख्या में अफगान नागरिकों को जबरन वापस अफगानिस्तान भेजा जा रहा है। अफगान अधिकारियों के मुताबिक, बीते दो दिनों में ही 10,000 से ज्यादा अफगान शरणार्थियों को इन दोनों देशों से निष्कासित किया गया है।

अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार के उपप्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रवासी मामलों से जुड़े हाई कमीशन की एक रिपोर्ट साझा की। उन्होंने बताया कि गुरुवार और शुक्रवार को कुल 1,939 अफगान परिवार अफगानिस्तान लौटे हैं। इन परिवारों में कुल 10,043 लोग शामिल थे, जिन्हें पाकिस्तान और ईरान से जबरन बाहर निकाला गया।

इन इलाकों में अचानक बढ़ी आवाजाही

रिपोर्ट के अनुसार, लौटने वाले शरणार्थी अफगानिस्तान के प्रमुख सीमा मार्गों के जरिए देश में दाखिल हुए। इनमें हेरात प्रांत में इस्लाम कला, निमरोज में पुल-ए-अब्रेशम, कंधार में स्पिन बोल्डक, हेलमंद में बहरामचा और नंगरहार में तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग शामिल हैं। इन इलाकों में अचानक बढ़ी आवाजाही के चलते स्थानीय प्रशासन और मानवीय एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है।

झवोक अफगान न्यूज के हवाले से फितरत ने बताया कि लौटने वाले 1,464 शरणार्थी परिवारों, जिनमें 8,140 लोग शामिल थे, को उनके मूल इलाकों में भेज दिया गया है। इसके अलावा 1,279 परिवारों को तत्काल मानवीय सहायता उपलब्ध कराई गई। सरकार और राहत एजेंसियों के सहयोग से लौटने वालों को भोजन, अस्थायी आश्रय और प्राथमिक सुविधाएं दी जा रही हैं।

फितरत ने यह भी जानकारी दी कि टेलीकम्युनिकेशन कंपनियों की मदद से लौटे शरणार्थियों को कुल 1,626 सिम कार्ड वितरित किए गए, ताकि वे अपने परिजनों से संपर्क कर सकें।

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त ने चिंता जताई

अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह सिलसिला यहीं नहीं रुका है। पिछले बुधवार को ही पाकिस्तानी और ईरानी अधिकारियों ने करीब 2,300 अफगान शरणार्थियों को जबरन वापस भेज दिया था। इससे पहले नवंबर की शुरुआत में भी बड़ी संख्या में अफगानों को इन दोनों देशों से निष्कासित किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। यूएनएचसीआर के मुताबिक, पाकिस्तान ने वर्ष 2025 में रिकॉर्ड संख्या में अफगान प्रवासियों को हिरासत में लिया है। सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां बलूचिस्तान और पंजाब प्रांतों में दर्ज की गई हैं। अफगान न्यूज एजेंसी खामा प्रेस के अनुसार, यूएनएचसीआर की एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि बलूचिस्तान के चगाई और क्वेटा जिलों तथा पंजाब के अटक जिले में सबसे ज्यादा अफगानों को हिरासत में लिया गया।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 1 जनवरी से नवंबर 2025 के बीच पाकिस्तानी अधिकारियों ने 100,971 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया। यह आंकड़ा 2024 में लगभग 9,000 और 2023 में 26,000 गिरफ्तारियों की तुलना में कई गुना ज्यादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गिरफ्तारियां और जबरन निष्कासन क्षेत्रीय स्थिरता के साथ-साथ गंभीर मानवीय संकट को जन्म दे सकते हैं।

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