उपराष्ट्रपति ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी, क्रूज की सवारी का लिया आनंद, साइबेरियन पक्षियों को देखकर बच्चों की तरह चहके धनखड़

भारत के उपराष्ट्र जगदीप धनखड़ शनिवार को प्रयागराज पहुंचे। यहां उन्होंने महाकुंभ के पावन अवसर पर पवित्र संगम में डुबकी लगाई। इसके साथ ही उन्होंने गंगा में नौका-विहार का आनंद भी लिया।
उपराष्ट्रपति ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी, क्रूज की सवारी का लिया आनंद, साइबेरियन पक्षियों को देखकर बच्चों की तरह चहके धनखड़
संग में डुबकी लगाते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ व उनकी पत्नी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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प्रयागराज: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को त्रिवेणी संगम में स्नान किया और इस अवसर को जीवन को धन्य करने वाला अवसर बताया। उपराष्ट्रपति धनखड़ अपनी पत्नी और परिवार के साथ हेलीकॉप्टर से तीर्थराज प्रयागराज पहुंचे, जहां हेलीपैड पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया।

उपराष्ट्रपति यहां से अरैल संगम घाट की ओर रवाना हुए जहां उन्होंने क्रूज पर सवार होकर नौका विहार का आनंद लिया और त्रिवेणी संगम में चिह्नित स्थान पर स्नान किया। इस दौरान स्वस्ति वाचन की गूंज के बीच धनखड़ ने शिवलिंग को सिर पर रखकर आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान वृंदावन के मुख्य पुजारी पुंडरीक गोस्वामी ने पूजा-अर्चना कराई।

पक्षियों को देख चहक उठे धनखड़

इससे पहले नौका विहार के दौरान साइबेरियन पक्षियों को देख कर उपराष्ट्रपति उत्साहित हो गए। उन्होंने चहकते पक्षियों को अपने हाथों से दाना खिलाया और परिवार के साथ इस खुशी के पल का आनंद लिया। नौका विहार के दौरान उन्होंने सीएम योगी से त्रिवेणी संगम के महात्म्य के बारे में जाना। म

हाकुंभ के पावन अवसर पर श्वेत गंगा और श्याम यमुना के साथ अदृश्य सरस्वती के महाप्रयाग में पहुंचकर, उसमें डुबकी लगाकर और लोक कल्याण का संकल्प लेकर उपराष्ट्रपति बेहद प्रसन्न नजर आए। उन्होंने इस अवसर को अपने जीवन को धन्य करने वाला क्षण बताया। त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने से पहले उन्होंने संगम नोज और आसपास के घाटों पर स्नान करने वालों का अभिवादन किया। डुबकी लगाने के बाद उन्होंने पवित्र नदी प्रयाग की जय और नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव का उद्घोष किया।

त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपनी पत्नी और परिवार के साथ सरस्वती कूप, अक्षय वट और बड़े हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। यहां उन्होंने महाबली हनुमान को रोली, वस्त्र, जनेऊ, सिंदूर, लाल चंदन, माला, धूप-दीप, प्रसाद चढ़ाया और परिक्रमा भी की।

इन सभी स्थानों पर पूजा-अर्चना करने के साथ ही धनखड़ ने इन स्थानों के महत्व के बारे में भी जाना। इस दौरान धनखड़ ने महाकुंभ के लिए योगी सरकार की तैयारियों को सुखद अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि मैंने अपने जीवन में इतना भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित महासमागम कभी नहीं देखा, यहां आकर मेरा जीवन धन्य हो गया है।

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