18 हजार मराठी स्कूल बंद करने के फैसले के खिलाफ, नासिक में सड़कों पर छात्र संगठन; कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन

Marathi Schools Maharashtra: कम छात्र संख्या के आधार पर सरकारी मराठी स्कूल बंद करने के फैसले के विरोध में नासिक में छात्र संगठन ने आंदोलन का ऐलान किया है और प्रशासन पर शिक्षा उपेक्षा का आरोप लगाया है।
Student organizations take to the streets in Nashik against the decision to close 18,000 Marathi schools; protest at the Collector's office
Student Protest Nashik ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Student Protest: नासिक राज्य में कम छात्र संख्या (पटसंख्या) का हवाला देकर लगभग 18,000 सरकारी मराठी स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस निर्णय के विरोध में और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन' ने नासिक में बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

गुरुवार, 26 फरवरी को दोपहर 12 बजे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि स्कूलों में छात्रों की संख्या अचानक कम नहीं हुई है, बल्कि इसे जानबूझकर कम किया गया है।

सरकार पर निशाना साधते हुए आयोजकों ने कहा कि सालों से इन स्कूलों की अनदेखी की गई। जिससे इमारतें जर्जर हो गई और सुविधाएं खत्म कर दी गई, नई शिक्षक भर्ती रोक दी गई, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हुई।

आंदोलन की रूपरेखा

दिनांकः गुरुवार, 26 फरवरी 2026।

समयः दोपहर 12:00 बजे।

स्थानः नासिक, जिलाधिकारी कार्यालय।

नेतृत्वः ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ)।

निजीकरण का बढ़ता खतरा

सरकारी स्कूलों को बंद कर शिक्षा का निजीकरण करने और मराठी माध्यम को धीरे-धीरे खत्म करने की नीति अपनाई जा रही है। पआईएसएफ के प्रतिनिधियों के अनुसार, यदि ये स्कूल बंद होते हैं, तो गरीब और मध्यम वर्गीय बच्चों के पास या तो महंगी फीस भरने का विकल्प बचेगा या फिर उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी होगी।

इस मुद्दे को आआंदोलन बनाने के लिए एआईएसएफ की टीमें नासिक जिले के विभिन्न स्कूलों में जाकर छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों से संवाद कर रही है। अभिभावकों से बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है ताकि सरकार को यह जनविरोधी फैसला वापस लेने पर मजबूर किया जा सके।

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