ई-चालान या 'आर्थिक प्रताड़ना'? ट्रांसपोर्टर्स ने खोला महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा, 5 मार्च से होगा आंदोलन

Maharashtra e-Challan Issues: महाराष्ट्र में ई-चालान सिस्टम की तकनीकी खामियों से वाहन मालिक परेशान हैं। कोल्हापुर बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने 5 मार्च से राज्यव्यापी हड़ताल का अल्टीमेटम दिया है।
Maharashtra e-Challan Issues Kolhapur Bus Transport Association Strike
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Kolhapur Bus Transport Association Strike: यातायात नियमों के पालन को के पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई ई-चालान प्रणाली वर्तमान में महाराष्ट्र वाहन मालिकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। तकनीकी और कानूनी त्रुटियों के कारण गलत तरीके से जुर्माना वसूले जाने का आरोप लगाते हुए कोल्हापुर बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। संगठन के अध्यक्ष सतीश चंद्र कांबले ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने सात दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो 5 मार्च से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

ई-चालान प्रणाली के तहत सीसीटीवी और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाता है, लेकिन ट्रांसपोर्टरों का दावा है कि यह सिस्टम गंभीर खामियों से जूझ रहा है। कई बार वाहन के पार्किंग में होने या वर्कशॉप में मरम्मत के लिए खड़े होने के बावजूद मालिकों के मोबाइल पर नियम उल्लंघन के संदेश पहुंच रहे हैं जिससे उनमें भारी असंतोष व्याप्त है।

क्या है ट्रांसपोर्टरों के आरोप?

ट्रांसपोर्टरों का सबसे बड़ा आरोप कैमरों की सटीकता को लेकर है। अक्सर नंबर प्लेट पर धूल होने या धुंधली तस्वीर के कारण सिस्टम अंकों को गलत पढ़ लेता है। उदाहरण के तौर पर, '0' को 'O' या '1' को 'T' समझ लेने की वजह से जुर्माना उस वाहन मालिक को भेज दिया जाता है जिसने कभी नियम तोड़ा ही नहीं। इसके अलावा, स्पीड कैमरों के सटीकता की जांच पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े किए गए हैं।

वाहन मालिकों का कहना है कि कई सड़कों पर गति सीमा के बोर्ड न होने के बावजूद भी 'ओवरस्पीडिंग' के चालान काटे जा रहे हैं। एक ही समय और एक ही स्थान पर एक ही गलती के लिए 2 से 3 बार जुर्माना (डुप्लीकेट चालान) लगाने के मामले भी सामने आए हैं। यह तकनीकी अराजकता न केवल वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ डाल रही है, बल्कि उन्हें बिना किसी अपराध के मानसिक रूप से भी प्रताड़ित कर रही है।

कानूनी विसंगतियों पर सवाल

ई-चालान प्रणाली की कानूनी वैधता पर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। नियम तोड़ने के लिए वाहन चालक जिम्मेदार होता है, लेकिन ई-चालान सीधे वाहन मालिक के नाम पर जारी होता है, विशेष रूप से मालवाहक और बस सेवाओं में, जहां वाहन ड्राइवरों द्वारा चलाए जाते है, मालिकों को उन गलतियों का दंड भुगतना पड़ रहा है जो उन्होंने की ही नहीं। सबसे बड़ी समस्या प्रभावी अपील तंत्र का न होना है। यदि किसी को गलत चालान मिलता है, तो ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के बाद भी समय पर कोई समाधान नहीं निकलता, अंततः वाहन मालिकों को आरटीओ और पुलिस कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता है।

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