'50 टुकड़े होते देखे हैं...', राज्यपाल आनंदीबेन ने छात्राओं को दी लिव-इन रिलेशन से दूर रहने की सलाह?

Uttar Pradesh की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वाराणसी में एक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्राओं को नसीहत देते हुए कहा लिव-इन रिलेशनशिप से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने इसक परिणम गंभीर बताए।
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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (फोटो- सोशल मीडिया)
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UP Governor Anandiben Patel Statement on Live-in Relationship: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वाराणसी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में छात्राओं को एक ऐसी नसीहत दी है, जो अब चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने लड़कियों को लिव-इन रिलेशनशिप से दूर रहने की सलाह देते हुए इसके गंभीर परिणामों की ओर इशारा किया। राज्यपाल ने हाल की दर्दनाक घटनाओं का जिक्र करते हुए छात्राओं को अपने जीवन के फैसले बहुत सोच-समझकर लेने के लिए आगाह किया। यह समारोह विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ा दिन था, जहां हजारों छात्राओं को उनकी उपाधियां प्रदान की गईं।

अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भावुक होकर कहा, "बेटियों से एक ही बात कहूंगी, लिव-इन रिलेशन मत करिए, मत करिए। अपने जीवन का निर्णय स्वयं करिए। देखा है ना 50-50 टुकड़े होते हैं। पिछले दस दिनों से ऐसी घटनाओं की जानकारी मिल रही है। देखती हूं तो कष्ट होता है कि हमारी बेटियां ऐसा क्यों करती हैं।" उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कई लड़कियां ऐसे रिश्तों में फंसकर अपना पूरा जीवन बर्बाद कर लेती हैं और उन्हें भविष्य में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

हर बेटी की दर्दनाक कहानी

राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए पॉक्सो एक्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह इस एक्ट के तहत पीड़ित कई बेटियों से व्यक्तिगत रूप से मिली हैं और हर किसी की कहानी बेहद दर्दनाक थी। उन्होंने कहा कि इन मुलाकातों ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है और वह नहीं चाहतीं कि किसी और बेटी को ऐसे दर्द से गुजरना पड़े। इसी वजह से वह आज युवा पीढ़ी को इन खतरों से आगाह कर रही हैं, ताकि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहें और कोई भी कदम उठाने से पहले अपने माता-पिता के बारे में जरूर सोचें।

विश्वविद्यालयों में जागरूकता की जरूरत

आनंदीबेन पटेल ने बताया कि हाल ही में उनकी एक जज से बात हुई थी, जिन्होंने भी इस बात पर चिंता जताई थी। जज का भी मानना था कि विश्वविद्यालयों में छात्राओं को लिव-इन रिलेशनशिप के खतरों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को ऐसे कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने भविष्य और सुरक्षा के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। बता दें कि इस 47वें दीक्षांत समारोह में 101 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 71,243 छात्राओं को उपाधियां भी वितरित की गईं।

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