- Hindi News »
- Uttar Pradesh »
- Supreme Court Decision On Madrasa Act Will Impact Up By Elections Akhilesh Yadav
मदरसा एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला यूपी उपचुनाव पर डालेगा प्रभाव? समाजवादी पार्टी ने चल दिया ये बड़ा दांव!
यूपी मदरसा एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सत्ताधारी दल जहां कह रहा है कि वह इस मामले में कोर्ट के फैसले का सम्मान करेगा, वहीं समाजवादी पार्टी इस फैसले को लेकर तीखे तेवर दिखा रही है।
- Written By: अभिषेक सिंह

कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2004 के यूपी मदरसा एक्ट को संवैधानिक घोषित करने और इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करने पर राजनीतिक दल भले ही सतर्कता से प्रतिक्रिया दे रहे हों, लेकिन इसका असर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव पर पड़ना तय है। क्यों और कैसे? इन सवालों का जवाब आपको हमारी इस रिपोर्ट में मिल जाएगा।
सत्ताधारी दल जहां कह रहा है कि वह इस मामले में कोर्ट के फैसले का सम्मान करेगा, वहीं समाजवादी पार्टी इस फैसले को लेकर तीखे तेवर दिखा रही है। समाजवादी पार्टी का यह तेवर बेवजह नहीं है, क्योंकि 2004 का यूपी मदरसा एक्ट तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के शासनकाल में पारित हुआ था। 22 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद कई भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था और मुल्ला मुलायम के एक्ट को असंवैधानिक करार दिए जाने पर कटाक्ष किया था।
सपा को मिल गया मौका
अब एक बार मौका सपा के पास है यही वजह है कि समाजवादी पार्टी के नेता खुलेआम बयान दे रहे हैं कि भाजपा के लोग हमारी सरकार में किए गए कामों को लेकर जनता को गुमराह कर सकते हैं, लेकिन कोर्ट हमारे सभी फैसलों को मंजूरी दे रहा है। सपा प्रवक्ता और इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अजीत यादव ने साफ कहा है कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को मुल्ला कहने वाले और सांप्रदायिकता फैलाने और तुष्टीकरण करने वाले भाजपा नेताओं को अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
‘SIR 2’ के लिए बीजेपी महाराष्ट्र की खास तैयारी, जारी की गई प्रतिनिधियों की सूची
सपा सुप्रीमो का भाजपा पर वार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर लिखा- भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ
नासिक मनपा में BJP के मतभेद फिर सतह पर, स्थायी समिति चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल; पार्षदों ने जताई नाराजगी
असम में हो गया सीट बंटवारा…सीएम सरमा ने बता दिया सबकुछ, क्यों खास है इस बार का विधानसभा चुनाव?
यह भी पढ़ें:- कौन बनेगा महाराष्ट्र के चुनावी महाभारत का महाविजेता, किसका पूरा होगा ख्वाब? यह रिपोर्ट देगी आपके सारे सवालों का जवाब!
अजीत यादव के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला यह बताने के लिए काफी है कि सपा की लोकप्रिय सरकारों ने हमेशा वोट बैंक के लालच में जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव किए बिना सभी के हित में फैसले लिए हैं। उनके मुताबिक समाजवादियों ने कभी कोई असंवैधानिक काम नहीं किया। भाजपा कानून की धज्जियां उड़ाकर समाज को टुकड़ों में बांटने का काम करती है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड एक्ट जिसे इस साल 22 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने असंवैधानिक करार दिया था, वह साल 2004 में पारित हुआ था।
25 हजार मदरसों पर था खतरा
उस समय मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे। इस एक्ट के बनने के बाद भी खूब राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। एक्ट पारित होने के बाद यूपी के मदरसों को मान्यता मिलनी शुरू हुई। वहां सरकार की निगरानी में अलग से परीक्षा की व्यवस्था की गई। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को धार्मिक और आधुनिक दोनों तरह की शिक्षा एक साथ दी जा रही थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश के करीब पच्चीस हजार मदरसों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा था।
उपचुनाव में कैसे हो सकता है असर
वहीं, आज सुप्रीम कोर्ट से जो फैसला आया है, उसका असर उत्तर प्रदेश में 9 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव पर भी पड़ सकता है। भाजपा जहां इस मुद्दे पर चुप रहने की कोशिश करेगी, वहीं समाजवादी पार्टी इस बहाने योगी सरकार पर नपे-तुले अंदाज में हमला बोलेगी। उपचुनाव में वोटों के ध्रुवीकरण के डर से समाजवादी पार्टी सीधे तौर पर इस मुद्दे को उठाने से भले ही परहेज करे, लेकिन इसे पृष्ठभूमि बनाकर योगी सरकार पर निशाना साधने की कोशिश जरूर करेगी।
यह भी पढ़ें:- ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ पर मल्लिकार्जुन खरगे का पलटवार, सीएम योगी को दिया करारा जवाब, अब होगा महासंग्राम!
सपा जहां अल्पसंख्यक वोटरों को एकजुट रखने की कोशिश करती नजर आ सकती है, वहीं इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखकर योगी सरकार की मंशा पर भी सवाल उठा सकती है। प्रयागराज की फूलपुर और कानपुर की सीसामऊ समेत कुछ ऐसी सीटों पर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मुद्दा भी बन सकता है, क्योंकि यहां विपक्षी दलों ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं।
Supreme court decision on madrasa act will impact up by elections akhilesh yadav
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
क्या Google कभी भी बंद कर सकता है आपकी AI एक्सेस? OpenClaw विवाद ने खड़ा किया बड़ा सवाल
Feb 24, 2026 | 03:42 AMक्या है दोहा समझौता? पाकिस्तान ने क्यों अफगानिस्तान को दिलाई इसकी याद?
Feb 24, 2026 | 01:13 AMपरमाणु ताकत बनाम छापामार लड़ाके: क्या तालिबान के जाल में फंस गया है पाकिस्तान?
Feb 24, 2026 | 01:12 AMइजराइल का ‘शैडोफैक्स’ मचाएगा युद्ध में तबाही, रिमोट से चलेगा ‘सौरन’, अब रोबोट करेंगे दुश्मनों का सफाया
Feb 24, 2026 | 01:11 AMAaj Ka Rashifal 24 February: मंगलवार को वृषभ और धनु राशि वालों को मिलेगा बंपर लाभ, जानें अपनी राशि का हाल!
Feb 24, 2026 | 12:05 AMZIM vs WI मुकाबले में हुई छक्कों की बारिश, टूटा विश्व रिकॉर्ड, T20 WC 2026 में दोनों टीमों ने मिलकर रचा इतिहास
Feb 23, 2026 | 11:49 PMवरमाला में हुआ टकराव! दुल्हन ने फेंकी माला, दूल्हे ने भी दिया वैसा ही जवाब
Feb 23, 2026 | 11:10 PMवीडियो गैलरी

रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM
मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM
AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
Feb 21, 2026 | 08:23 PM
हाथरस के इस पिता को सलाम! दिव्यांग बेटी के सपनों के लिए अपनी पीठ को बनाया कंधा, देखें यह वायरल VIDEO
Feb 21, 2026 | 03:35 PM
ग्रेटर नोएडा के रयान स्कूल में शर्मनाक लापरवाही! 1 घंटे तक बाथरूम में बंद रही छात्रा, उल्टा लिखवाया माफीनामा
Feb 21, 2026 | 03:29 PM














