ईरान का 'समुद्री चक्रव्यूह'! क्या वाकई समंदर में बिछी हैं बारूदी सुरंगें? तेहरान के दावे से टेंशन में दुनिया

Hormuz Iran Sea Mines Threat: ईरान ने होर्मुज के पुराने रास्ते में बारूदी सुरंगों का दावा करते हुए एक नया समुद्री मार्ग सामने लाया है। इस नए रूट को विशेषज्ञ 'तेहरान का टोल बूथ' कह रहे हैं।
Iran's 'sea labyrinth'! Are landmines really laid in the sea? Tehran's claim has the world in tension.
होर्मुज की खाड़ी, (डिजाइन फोटो)
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Hormuz Iran Sea Mines Threat Ships Stuck: अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सीजफायर के बावजूद दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान ने अब एक नया दावा करते हुए वैश्विक व्यापार की धड़कन रोक दी है। तेहरान का कहना है कि पुराने मुख्य समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछी हो सकती हैं जिसके कारण उसने एक नया और विवादास्पद रूट लागू कर दिया है।

भारत के 20 जहाज बीच समंदर में अटके

ईरान के इस नए फरमान का सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कम से कम 20 जहाज फिलहाल होर्मुज के पश्चिम में फारस की खाड़ी की तरफ फंसे हुए हैं। इनमें 2 एलपीजी टैंकर और 4 कच्चे तेल (Crude Oil) के टैंकर शामिल हैं। हालांकि, भारत सरकार की सक्रियता और तेहरान से बातचीत के बाद 'नंदा देवी' और 'जग वसंत' जैसे 8 एलपीजी टैंकरों को निकालने में सफलता मिली है लेकिन संकट अभी भी पूरी तरह टला नहीं है।

'तेहरान का टोल बूथ'

इस संकट के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री विश्लेषकों (Lloyd's List) ने इस पूरी व्यवस्था को 'तेहरान का टोल बूथ' करार दिया है। आरोप है कि ईरान अपने नए रूट से गुजरने वाले जहाजों से भारी भरकम राशि वसूल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, एक बड़े तेल टैंकर को इस रास्ते से गुजरने के लिए लगभग 20 लाख डॉलर (करीब 18.5 करोड़ रुपये) चुकाने पड़े। जानकारों का मानना है कि बारूदी सुरंगों का डर दिखाकर ईरान दरअसल हर जहाज पर अपना पूर्ण नियंत्रण और आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना चाहता है।

Strait of Hormuz infographic
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, इन्फोग्राफिक

IRGC का बढ़ता नियंत्रण से सुरक्षा पर सवाल

ईरान ने जो नया रास्ता तय किया है वह उसके समुद्री किनारे के बेहद करीब है। इससे ईरान की शक्तिशाली सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए हर गुजरते जहाज पर नजर रखना और उसे रोकना आसान हो गया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पुराने रास्ते में वाकई सुरंगें बिछाई गई हैं या यह महज जहाजों को ईरानी सीमा के करीब धकेलने की एक कूटनीतिक चाल है।

फारस की खाड़ी से बाहर निकलने का यह एकमात्र रास्ता है जिससे दुनिया का एक बड़ा तेल व्यापार संचालित होता है। यदि यह गतिरोध जारी रहता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आना तय है जिससे भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

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