
कफ सिरप कांड आरोपी शुभम जायसवाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Varanasi Cough Syrup Scandal Kingpin Shubham Jaiswal: वाराणसी में 100 करोड़ रुपये के कोडीन युक्त कफ सिरप कांड ने बड़ा खुलासा किया है। इस काले कारोबार का मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल देश छोड़कर भाग चुका है। अब SIT इस पूरे मामले की तह में जाकर हर कड़ी जोड़ने में जुट गई है। सिर्फ आरोपी ही नहीं ड्रग विभाग के कई अफसर भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
वाराणसी में 100 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप कांड ने पुलिस और प्रशासन दोनों को हिलाकर रख दिया है। इस मामले का मुख्य आरोपी और कथित किंगपिन शुभम जायसवाल अब पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस को शक है कि वह भारत छोड़कर दुबई भाग चुका है। उसके वाराणसी स्थित घर पर ताला लटक रहा है और उसका मोबाइल व सोशल मीडिया खाते भी बंद कर दिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद, जो शैली ट्रेडर्स चलाते थे, कार्रवाई से पहले ही फरार हो चुके थे।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष SIT गठित की गई है। इस SIT के अध्यक्ष एडीसीपी काशी जोन आईपीएस सरवणन टी हैं, जबकि एसीपी कोतवाली और एसएचओ कोतवाली इसमें शामिल किए गए हैं। यह टीम इस बात की जांच करेगी कि तीन सालों से चल रहे इस काले कारोबार में किस-किस की भूमिका रही। साथ ही शुभम ने इस अवधि में कितनी अवैध कमाई की और उसने इसे कहां-कहां निवेश किया। शुभम के खिलाफ वाराणसी और गाजियाबाद दोनों जगह मुकदमे दर्ज हैं। SIT उसकी संपत्तियों, बैंक खातों और कारोबार की गहराई से जांच करेगी।
इस पूरे काले नेटवर्क में ड्रग विभाग के कई अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। जबकि तीन सालों से वाराणसी से लेकर बांग्लादेश तक यह अवैध तस्करी चल रही थी, लेकिन विभाग के अफसर चुप बने रहे। पुलिस इस एंगल से भी जांच तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब तक जांच में 102 फर्मों के नाम सामने आ चुके हैं। इनमें से 28 फर्मों के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली की तहरीर पर ये मुकदमे दर्ज हुए हैं। यह सारी कार्रवाई लखनऊ में ड्रग आयुक्त रोशनी जैकब के निर्देश पर की गई है।
यह भी पढ़ें: Bhandara News: सहायक प्रबंधक ने ही बैंक में डाला 1.5 करोड़ का डाका, पुलिस ने नागपुर से किया अरेस्ट
आरोपी शुभम ने न सिर्फ अपना मोबाइल बंद कर दिया, बल्कि अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट भी डिएक्टिवेट कर दिए हैं। उसके करीबी लोगों ने भी सोशल मीडिया से उसके साथ की तस्वीरें हटा दी हैं, जिससे साफ है कि वह खुद को पुलिस से बचाने की पूरी कोशिश में है। SIT अब उसकी काली कमाई, नेटवर्क और सरकारी अधिकारियों की संभावित मिलीभगत का सच सामने लाने की कोशिश करेगी।






