कानपुर में जूता फैक्ट्री बनी आग का गोला, दमकल के लिए संकरी गलियां बनी रोड़ा, देखते ही देखते खाक हो गए करोड़ों
Kanpur Fire Incident: कानपुर में एक जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। संकरी गलियों ने दमकल कर्मियों की राह मुश्किल बना दी थी। तकरीबन 5 घंटों की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
कानपुर की फैक्ट्री में लगी आग, फोटो- सोशल मीडिया
Kanpur Shoe Factory Fire: कानपुर का जाजमऊ इलाका मंगलवार की रात एक खौफनाक मंजर का गवाह बना जब वाजिदपुर स्थित एक जूता फैक्ट्री से अचानक आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। रिहायशी इलाके में स्थित इस फैक्ट्री में लगी आग इतनी विकराल थी कि आसमान में करीब 20 मीटर ऊंची लपटें साफ देखी जा सकती थीं।
कानपुर में हुए इस हादसे ने न केवल करोड़ों की संपत्ति को राख कर दिया बल्कि संकरी गलियों के कारण दमकल विभाग के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश कर दी। शुक्र रहा कि आग लगने के समय फैक्ट्री में मजदूर नहीं थे वरना स्थिति बेहद दर्दनाक हो सकती थी।
सात दिन पहले लगा करोड़ों का सेटअप खाक
वाजिदपुर में स्थित एसएच इंटरनेशनल नाम की इस फैक्ट्री में आग लगने की खबर मालिक नौशाद अहमद को रात करीब 8 बजे मिली। जब तक वे मौके पर पहुंचे तब तक शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई यह चिंगारी पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले चुकी थी। विडंबना यह रही कि नौशाद ने महज सात दिन पहले ही जूता फिनिशिंग का करीब 2 करोड़ रुपए का नया सेटअप यहां लगाया था। यह मशीनरी और पूरा सेटअप देखते ही देखते आग की भेंट चढ़ गया। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी कीमती सामान बाहर निकालने का मौका नहीं मिला।
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संकरी गलियों में फंसी दमकल की गाड़ियां और बढ़ी मुश्किल
जैसे ही आग की सूचना मिली, दमकल की गाड़ियां घटनास्थल की ओर रवाना हुईं, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी थी। रिहायशी इलाके की संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सीधे फैक्ट्री तक नहीं पहुंच पाईं। मजबूरन दमकल कर्मियों को मुख्य सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी करनी पड़ीं और वहां से करीब 100 मीटर दूर पाइप लाइन बिछानी पड़ी।
#WATCH | कानपुर, उत्तर प्रदेश: कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र के वाजिदपुर स्थित एक टेनरी में आग लग गई। दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। ACP आशुतोष सिंह ने बताया, “वाजिदपुर में चमड़े का कारोबार करने वाली फैक्ट्री थी, जिसमें आग लगी है। आग को लगभग पूर्णतया… pic.twitter.com/FD2Umt1plP — ANI_HindiNews (@AHindinews) April 22, 2026
सूचना मिलने के करीब 35 मिनट बाद दमकल की गाड़ी पहुंच सकी, जिसने आग को फैलने का और ज्यादा समय दे दिया। आसपास की टेनरियों के कर्मचारियों ने भी शुरुआत में आग बुझाने की कोशिश की पर लपटों की तेजी के आगे वे बेबस नजर आए।
रिहायशी इलाके में मची भगदड़
जूता फैक्ट्री घनी आबादी के बीच थी, जहां आसपास कई घर बने हुए हैं। केमिकल और चमड़े की मौजूदगी के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप धारण कर लिया जिससे मोहल्ले के लोगों में भारी दहशत फैल गई। लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई।
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स्थानीय निवासियों ने बताया कि यदि यह हादसा एक घंटे पहले शाम 7 बजे हुआ होता तो बड़ा नरसंहार हो सकता था। उस समय तक फैक्ट्री में सैकड़ों मजदूर काम करते रहते हैं और उनके जाने के कुछ देर बाद ही यह अग्निकांड हुआ।
#Kanpur
जाजमऊ के वाजिदपुर में स्थित सेफ्टी शू बनाने वाली फैक्टरी में लगी भीषण आग। करोड़ो का नुकसान।
आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट।
दमकल की गाड़ियां देरी से पहुंचने का आरोप।
पिछले कई वर्षों से नियमों के विरुद्ध चलाई जा रही थी फैक्ट्री।@kanpurnagarfire @kanpurnagarpol pic.twitter.com/MEm6I3PVIU — Asif Khan 🇮🇳 (@Asif_1k) April 21, 2026
पांच घंटे का कड़ा संघर्ष, फिर भी सबकुछ खाक
इस भीषण आग पर काबू पाने के लिए कानपुर के 7 अलग-अलग फायर स्टेशनों से टीमों को बुलाना पड़ा। जाजमऊ, मीरपुर, किदवई नगर और फजलगंज समेत कई थानों की गाड़ियों ने मोर्चा संभाला। आग बुझाने के लिए आईए टेनरी और बीमा अस्पताल से करीब 23 बार पानी भरकर लाया गया तब जाकर 5 घंटे की मशक्कत के बाद लपटें शांत हुईं।
नुकसान का आकलन करें तो ग्राउंड फ्लोर पर लगा 95 लाख का कटिंग यूनिट और 10 लाख का चमड़ा पूरी तरह जल गया। पहली मंजिल पर स्थित पैकिंग विभाग और ऊपर की लैब भी राख के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। कानपुर प्रशासन ने अब फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों की जांच के कड़े निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
