52 कर्मचारी, 7 दमकल वाहन और 48 घंटे...यवतमाल के डंपिंग यार्ड की आग बुझाने के लिए झोंकी पूरी ताकत

Yavatmal Dumping Yard Fire: यवतमाल के सावरगड डंपिंग यार्ड में तीसरे दिन भी आग का तांडव। कुएं सूखे, टैंकरों से बुझाई जा रही आग। करोड़ों की बायोमाइनिंग मशीनरी खतरे में।
Fire continues for the third day at Savargad dumping yard, Yavatmal. Firefighters from multiple towns are struggling as local wells run dry.
डंपिंग यार्ड में लगी आग (सौजन्य-नवभारत)
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Savargad Dumping Yard Fire: यवतमाल शहर के सावरगड स्थित नगर परिषद के अधिकृत कचरा डंपिंग यार्ड एवं प्रोसेसिंग केंद्र में लगी आग तीसरे दिन भी पूरी तरह बुझ नहीं पाई है। शुक्रवार, 10 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे लगी आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन दल लगातार प्रयासरत है। आज 12 अप्रैल को लगातार तीसरे दिन भी आग सुलगती रही और दो दमकल वाहनों के साथ करीब 20 जवान लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं।

बताया जाता है कि सावरगड के इस कचरा डेपो (Dumping Yard) में बड़ी मात्रा में कचरा जमा है। आग लगने के बाद से ही दमकल विभाग की टीम लगातार पानी का छिड़काव कर आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रही है। रविवार को भी यहां से घना धुआं उठता रहा। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण कलंब, रालेगांव और घाटंजी से अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए, जिन्होंने आग बुझाने में सहयोग किया।

शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंची दमकल टीम लगातार काम कर रही है। शुरुआत में पास के स्टोन क्रशर की दो कुओं से पानी लिया गया, लेकिन शाम तक दोनों कुएं सूख गए। इसके बाद जीवन प्राधिकरण कार्यालय परिसर की टंकी से पानी भरकर रातभर आग बुझाने का काम जारी रखा गया। शनिवार को पुनः कुओं में पानी आने पर वहीं से पानी लिया जा रहा है।

धुएं के कारण बढ़ी मुश्किलें

कचरे में लगी आग के कारण भारी मात्रा में धुआं उठ रहा है, जिससे दमकल कर्मियों को आग पर नियंत्रण पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद चालक विपिन रहांगडाले, राहुल यादव, मनीष पवार, नितीन जगताप, प्रमोद तिडके, रमेश चौधरी, अनिल पिसालकर सहित फायरमैन नीलेश भिसेन, निखिल पाठक, रवि चौधरी, हेमंत डोंगरे, सूरज राठोड, धीरज राठोड, राजू इंगले, शुभम गुजरे, अजय गोंडे आदि जवान लगातार प्रयास कर रहे हैं।

बड़े पैमाने पर संसाधन तैनात

आग पर काबू पाने के लिए कलंब, रालेगांव और घाटंजी से 3 दमकल वाहन, यवतमाल नगर परिषद के 3 वाहन, 2 जेटिंग मशीन, 1 टैंकर और एक निजी टैंकर सहित कुल 52 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

करोड़ों की मशीनरी को खतरा

सावरगड कचरा डेपो (Dumping Yard) में बायोमाइनिंग के लिए लाई गई करोड़ों रुपये की मशीनरी रखी हुई है, जिसमें सेग्रिगेशन मशीन, मोटर, कन्वेयर बेल्ट, स्क्रीनिंग मशीन और मोबाइल टॉयलेट शामिल हैं। करीब चार एकड़ क्षेत्र में फैले कचरे में लगी आग प्लास्टिक की वजह से तेजी से फैल गई, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

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