80% मुस्लिम कारीगर बनाते हैं कान्हा के कपड़े, ईद हो या जन्माष्टमी; एक साथ मनाते हैं त्योहार, VIDEO वायरल
Muslim Artisans Krishna Dresses: मथुरा-वृंदावन में कान्हा की 8०% भव्य पोशाकें मुस्लिम कारीगर तैयार करते हैं। नफरत की राजनीति को मात देती हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की खूबसूरत मिसाल है।
- Written By: अमन मौर्या
Mathura Vrindavan Communal Harmony: भगवान श्री कृष्ण की पावन नगरी मथुरा और वृंदावन से हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक सौहार्द की एक बेहद खूबसूरत और बेजोड़ मिसाल सामने आई है। यहां मंदिरों में ठाकुर जी, राधा रानी और अन्य देवी-देवताओं द्वारा धारण की जाने वाली भव्य व आकर्षक पोशाकें मुख्य रूप से हमारे मुस्लिम कारीगर भाई तैयार करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि वृंदावन के इस प्रसिद्ध पोशाक व्यापार में करीब 80% कारीगर मुस्लिम समुदाय से आते हैं, जो पिछले 45 से अधिक वर्षों से एक ही छत के नीचे हिंदू भाइयों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इन कारीगरों का कहना है कि कान्हा की पोशाक सिलना उनके लिए महज एक धंधा नहीं बल्कि ठाकुर जी की सच्ची सेवा है, जिससे उन्हें असीम आत्मिक सुकून मिलता है। इनके द्वारा बनाई गई पोशाकें न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों के कृष्ण मंदिरों तक भेजी जाती हैं। ईद, दिवाली, होली और जन्माष्टमी जैसे सभी त्योहारों को एक साथ मिलकर मनाने वाले ये कारीगर नफरत फैलाने वाले राजनेताओं को कड़ा सबक सिखा रहे हैं।
Mathura Vrindavan Communal Harmony: भगवान श्री कृष्ण की पावन नगरी मथुरा और वृंदावन से हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक सौहार्द की एक बेहद खूबसूरत और बेजोड़ मिसाल सामने आई है। यहां मंदिरों में ठाकुर जी, राधा रानी और अन्य देवी-देवताओं द्वारा धारण की जाने वाली भव्य व आकर्षक पोशाकें मुख्य रूप से हमारे मुस्लिम कारीगर भाई तैयार करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि वृंदावन के इस प्रसिद्ध पोशाक व्यापार में करीब 80% कारीगर मुस्लिम समुदाय से आते हैं, जो पिछले 45 से अधिक वर्षों से एक ही छत के नीचे हिंदू भाइयों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इन कारीगरों का कहना है कि कान्हा की पोशाक सिलना उनके लिए महज एक धंधा नहीं बल्कि ठाकुर जी की सच्ची सेवा है, जिससे उन्हें असीम आत्मिक सुकून मिलता है। इनके द्वारा बनाई गई पोशाकें न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों के कृष्ण मंदिरों तक भेजी जाती हैं। ईद, दिवाली, होली और जन्माष्टमी जैसे सभी त्योहारों को एक साथ मिलकर मनाने वाले ये कारीगर नफरत फैलाने वाले राजनेताओं को कड़ा सबक सिखा रहे हैं।
