अलीगढ़ में ये कैसी नसबंदी? ऑपरेट करने के बाद गर्भवती हो गईं 64 महिलाएं, फिर...

Aligarh Sterilization Fail: अलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से नसबंदी के बावजूद 64 महिलाएं गर्भवती हो गईं। पीड़ितों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 60 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
CMO Aligarh
प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Compensation for Pregnancy after Sterilization: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम की सफलता पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। साल 2025 में नसबंदी कराने के बावजूद 64 महिलाओं के दोबारा गर्भधारण करने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग ने अब इन प्रभावित महिलाओं को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अलीगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है, जहाँ परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी कराने वाली 64 महिलाएं दोबारा गर्भवती हो गई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 3,042 महिला-पुरुषों ने नसबंदी कराई थी, जिनमें महिलाओं की भागीदारी 99 प्रतिशत रही थी। इतनी बड़ी संख्या में नसबंदी फेल होने के मामलों ने सरकारी सिस्टम और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है।

मुआवजे के रूप में मिलेंगे 60 हजार रुपये

नसबंदी फेल होने के इन मामलों में विभाग ने मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि परिवार नियोजन की इन्डेमिनिटी योजना के तहत, यदि कोई महिला नसबंदी के बाद गर्भवती होती है, तो उसे 60,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इस राशि में 30,000 रुपये राज्य सरकार और 30,000 रुपये केंद्र सरकार की ओर से प्रदान किए जाते हैं। वर्तमान में 62 मामलों के लिए मुआवजे की राशि विभाग के पास आ चुकी है।

90 दिनों की सूचना न देने पर 5 दावे खारिज

मुआवजे की प्रक्रिया के बीच स्वास्थ्य विभाग ने 5 महिलाओं के दावों को निरस्त भी कर दिया है। नियमों के अनुसार, नसबंदी के बाद यदि गर्भधारण होता है, तो इसकी सूचना 90 दिनों के भीतर विभाग को देनी अनिवार्य होती है। खारिज किए गए मामलों में लोधा और छर्रा के दो-दो केस शामिल हैं, जबकि अकराबाद, जवां, टप्पल और गोंडा का एक-एक केस है। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि नसबंदी से पहले भरे जाने वाले कंसेंट फॉर्म में सभी संभावनाओं और नियमों की जानकारी दी जाती है।

पिछले 4 वर्षों में 81 मामले आए सामने

यह पहली बार नहीं है जब अलीगढ़ में नसबंदी के ऑपरेशन फेल हुए हों। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 4 वर्षों में करीब 81 महिलाओं की नसबंदी फेल हो चुकी है। अकेले वर्ष 2024 में 6,240 लोगों ने नसबंदी कराई थी, जिनमें से कई मामले विफल रहे थे। विभाग की इस लगातार बनी रहने वाली लापरवाही के कारण अब स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर उंगलियां उठ रही हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com