पहले कहा गिरफ्तारी के लिए तैयार...अब जमानत के लिए पहुंच गए हाई कोर्ट, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का यू-टर्न!

Allahabad High Court: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला अब इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंच चुका है। अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की है।
shankaracharya avimukteshwaranand u turn from ready for arrest to seeking bail in high court
इलाहाबाद हाई कोर्ट व इनसेट में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Shankaracharya Avimukteshwaranand: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला अब इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंच चुका है। अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की है। एडवोकेट सुधांशु कुमार और श्रीप्रकाश ने शंकराचार्य की तरफ से याचिका दाखिल की है।

आपको बता दें कि तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य और उनके शिष्य पर बच्चों के साथ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। जहां एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस को मामले में FIR दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। जिसके बाद शंकराचार्य अवमुक्तेश्वरानंद पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस ने शुरू की मुकदमे की विवेचना

न्यायालय के आदेश पर झूंसी थाना पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरि और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 351(3) और पॉक्से एक्ट की धारा 5l, 6, 3, 4(2), 16 और 17 के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही पुलिस ने मामले की विवेचना भी शुरू कर दी है।

शंकराचार्य ने कही थी सहयोगी की बात

बीते कल यानी सोमवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा था कि यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आती है तो वह भागेंगे नहीं बल्कि सहयोग करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया था कि जिन बच्चों का यौन शोषण करने का आरोप उन पर लगाया जा रहा है उनका शंकराचार्य के गुरुकुल से कोई ताल्लुक नहीं है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का यू-टर्न

अब इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल होने पर कहा जा रहा है शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यू-टर्न ले लिया है। कहा जा रहा है कि उच्च न्यायालय जल्द ही इस मामले की सुनवाई कर सकता है।

अविमुक्तेश्वरानंद को मिलेगी जमानत?

इसके इतर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद गिरि पर पॉक्सो सहित सात अलग-अलग धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें 20 साल से लेकर उम्रकैद तक प्रावधान है। ऐसे में कानूनी जानकारों का मानना है कि इस मामले में शंकराचार्य को अग्रिम जमानत मिलना मुश्किल है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या कुछ करता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com