'बिहार वाली गलती मत करना', अखिलेश को सताया डर? टीम को सख्त हिदायत, 2027 के लिए गुंडई वाले गाने बंद!

सपा चीफ Akhilesh Yadav ने अपनी पार्टी के कलाकारों और टीम को सख्त हिदायत देते कहा कि बिहार में बने गाने कतई न बनाएं, उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि AI का जमाना है तो किसी गाने को हमसे न जोड़े।
Akhilesh Yadav
अखिलेश यादव, (सपा, प्रमुख)
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Akhilesh Yadav Warning: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के कलाकारों और सोशल मीडिया टीम को एक सख्त और दिलचस्प हिदायत दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि कोई भी बिहार वाला गाना मत बना देना। उनका यह बयान अब सुर्खियों में है क्योंकि इसके पीछे हाल ही में बिहार चुनाव में लालू-तेजस्वी की पार्टी को हुए गानों की वजह से नुकसान का डर साफ दिखाई दे रहा है।

शनिवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कलाकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि गानों में रंगबाजी, दबंगई, जाति-जाति और लाठी-गोली जैसे शब्दों का इस्तेमाल बिल्कुल न हो। सपा प्रमुख ने मीडिया से भी अपील की है कि आज कल एआई का जमाना है और गाने तुरंत बन जाते हैं। ऐसे में अगर कोई विवादित गाना वायरल होता है, तो उसे मीडिया समाजवादी पार्टी से न जोड़े। उन्होंने एआई की मदद से गाना बनाने वाले एक लड़के का जिक्र करते हुए तकनीकी बदलावों पर भी बात की।

बिहार चुनाव से मिला कड़वा सबक

अखिलेश यादव की इस सावधानी के पीछे हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे हैं। वहां राष्ट्रीय जनता दल के समर्थन में कई भोजपुरी गाने खूब वायरल हुए थे, जिनमें बाहुबल और दबंगई का महिमामंडन किया गया था। इन गानों में इस्तेमाल हुए शब्दों को एनडीए और बीजेपी ने अपना हथियार बना लिया। विरोधियों ने हर रैली में इन गानों को बजाकर जनता को लालू यादव के दौर के कथित जंगलराज की याद दिलाई। इसका सीधा नुकसान तेजस्वी यादव की पार्टी को उठाना पड़ा और चुनाव के नतीजों पर इसका गहरा असर देखने को मिला।

गुंडाराज के दाग से बचने की तैयारी

समाजवादी पार्टी अब पुराने अनुभवों से सीख लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। अखिलेश यादव बिल्कुल नहीं चाहते कि यूपी में भी कोई ऐसा गाना वायरल हो जिसे आधार बनाकर बीजेपी समाजवादी पार्टी पर गुंडाराज या माफिया राज को बढ़ावा देने का आरोप लगाए। विरोधियों को कोई मौका न मिले और पार्टी की छवि खराब न हो, इसलिए उन्होंने 2027 के चुनाव से काफी पहले ही अपनी टीम को यह सख्त निर्देश दे दिए हैं। वे चाहते हैं कि पार्टी की छवि एक विकासशील और अनुशासित दल की बनी रहे, न कि बाहुबलियों का समर्थन करने वाली।

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