किस दिन है 2026 की रंग पंचमी? यहां से नोट कीजिए सटीक तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Rang Panchami: 8 मार्च 2026 को मनाई जाएगी रंग पंचमी। जानें पंचमी तिथि का सटीक समय, देवताओं को प्रसन्न करने वाली विशेष पूजा विधि और इस दिन हवा में गुलाल उड़ाने के पीछे का गहरा धार्मिक रहस्य।
Rang Panchami Kab Hai 2026
देवी-देवता की होली (सौ.AI)
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Rang Panchami Kab Hai 2026:होली महापर्व के समापन के बाद ‘रंग पंचमी’ की तैयारियां शुरू हो जाती है। रंग पंचमी का त्योहार होली महापर्व के पांच दिन बाद मनाया जाता है। इस बार रंग पंचमी का पावन पर्व 08 मार्च को पूरे देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। रंग पंचमी हर वर्ष चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।

रंग पंचमी - देवताओं की होली

सनातन धर्म में रंग पंचमी का बड़ा महत्व है। रंग पंचमी को लेकर एक खास मान्यता है कि इस दिन देवता धरती पर आते हैं और भक्तों के साथ रंगों का उत्सव मनाते हैं, इसलिए इसे देवताओं की होली भी कहा जाता है। कहानी के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी ने इस दिन होली खेली थी। उनके ऊपर देवी-देवताओं ने पुष्पों की वर्षा की, और ग्वाले व गोपियाँ भी उनके साथ रंगोत्सव में शामिल हुए।

इसी आस्था के कारण, लोग रंग पंचमी पर भगवान कृष्ण और राधा रानी की पूजा करते हैं और देवताओं का ध्यान करते हुए हवा में अबीर और गुलाल फेंकते हैं।

कब है रंग पंचमी 2026

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 7 मार्च 2026 को शाम 7:17 बजे से शुरू होगी।

यह तिथि 8 मार्च 2026 को रात 9:10 बजे समाप्त होगी।

इसी कारण रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च 2026 (रविवार) को मनाया जाएगा।

रंग पंचमी का क्या है शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 5 बजकर 01 मिनट से 5 बजकर 50 मिनट तक
  • अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 17 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त – शाम 6 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 47 मिनट तक

रंग पंचमी पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें। सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं।
  • भगवान राधा-कृष्ण और मां लक्ष्मी के संग भगवान विष्णु की प्रतिमा को स्थापित करें।
  • तिलक लगाएं। उन्हें फूलों की माला अर्पित करें।
  • गुलाल और अबीर प्रभु के चरणों में अर्पित करें।
  • देसी घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
  • मंत्रों का जप करें।
  • जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।
  • फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
  • अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।
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