

Akhilesh Yadav News: इटावा पहुंचे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किसानों की खाद समस्या और जीएसटी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि जीएसटी दुनिया का एकमात्र ऐसा कानून है जिसमें इतने संशोधन किए गए हैं। सवाल यह है कि सरकार ने अब तक किसे मुनाफा कमाने दिया, स्लैब कम करने से मुनाफा और महंगाई कम नहीं होगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि डीएपी इसलिए नहीं मिल रही है क्योंकि उसमें पीडीए शब्द है। उन्होंने कहा कि पीडीए के लोग ही बड़े पैमाने पर खेती कर रहे हैं। इसमें कई लोग ऐसे हैं जो मेहनत करके कमा रहे हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
अखिलेश ने कहा कि कीटनाशक महंगे हैं, बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई नहीं हुई है। किसानों की आय दोगुनी नहीं होगी, यह सरकार किसानों की जेब से पैसा निकालेगी। जिन्हें मुनाफा कमाने की आदत हो गई है, वे मुनाफा जरूर कमाएंगे, कानून में कितना भी बदलाव कर लें, मुनाफाखोरी ही होगी।
कन्नौज सांसद ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव में एक साल बाकी है, अब तक हम उत्तर प्रदेश सरकार के 9 बजट देख चुके हैं, 10वां बजट देखना बाकी है। जब जीएसटी लागू हुआ था, तब कहा गया था कि व्यापार बढ़ेगा, इस कानून के लागू होने से व्यापारी और कारोबारी अपने टैक्स का भुगतान कर सकेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि शायद यह पहला कानून है जिसमें इतने संशोधन किए गए हैं, लेकिन इतने संशोधनों के बाद भी सरकार को इसमें फिर से संशोधन करना पड़ा और यह स्वीकार करना पड़ा कि गरीबों के जीवन में बदलाव लाने के लिए कानून में संशोधन करना ही होगा।
सपा प्रमुख ने कहा कि सवाल यह है कि जीएसटी लागू होने से लेकर अब तक सरकार ने किसे मुनाफा कमाने दिया, ये कौन लोग थे जो बेवजह मुनाफा कमा रहे थे? स्लैब कम करने से महंगाई कम नहीं होगी। अमेरिका ने टैरिफ लगा दिए हैं, इससे सारे निर्यात खत्म हो रहे हैं, इससे हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। मेक इन इंडिया बर्बाद हो रहा है, स्वदेशी का नारा सिर्फ़ ज़बान पर है, दिल में नहीं।
पूर्व सीएम ने कहा कि हमारा कारोबार बंद हो रहा है, हमारे कारोबार पर टैरिफ लगा दिए गए हैं। आप टैरिफ पर भाजपा नेताओं से सवाल नहीं कर सकते। सारे निर्यात प्रभावित होने लगे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान होने वाला है। मेक इन इंडिया बर्बाद हो गया है, ये भाजपा वाले सिर्फ भाषणों में स्वदेशी बोलते हैं, दिल से विदेशी हैं।