भारत के इन किलों का है औरंगजेब से खास जुड़ाव, क्या आप गए हैं यहां

भारत में मुगलों का शासनकाल काफी समय तक रहा था। मुहिउद्दीन मुहम्मद जिसे लोग औरंगजेब के नाम से जानते थे उनका शासनकाल 1658 से लेकर 1707 तक रहा था। इस दौरान दिल्ली सहित अन्य जगहों पर उन्होंने कई किलों का निर्माण करवाया।
भारत के इन किलों का है औरंगजेब से खास जुड़ाव, क्या आप गए हैं यहां
भारत के इन किलों का है औरंगजेब से खास जुड़ाव, क्या आप गए हैं यहां
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Historical Monuments in India: भारत में मुगलों का शासनकाल काफी समय तक रहा था। मुहिउद्दीन मुहम्मद जिसे लोग औरंगजेब के नाम से जानते थे उनका शासनकाल 1658 से लेकर 1707 तक रहा था। इस दौरान दिल्ली सहित अन्य जगहों पर उन्होंने कई किलों का निर्माण करवाया। वहीं इस समय उन्होंने कई किलों को तुड़वाया भी था। देश में कई ऐसे किले मौजूद हैं जिनका कनेक्शन औरंगजेब से है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ किलों के बारे में बताने जा रहे हैं। अगर आप शहर में कहीं घूमने जा रहे हैं तो इन किलों पर भी जाने का प्लान कर सकते हैं।

शीश महल

मुगल शासक औरंगजेब की ताजपोशी शीश महल में हुई थी। इस किले की बेहतरीन दीवारें और सजावट इसे खास बनाती हैं। यह महल शालीमार बाग के केंद्र में बनाया गया है। बाग के बीच में आप बेहतरीन नजारे देख सकते हैं। शीश महल सिर्फ एक मंजिल ही बना है लेकिन इसकी सुंदरता किसी से कम नहीं है। यहां पर अगर आप जाना चाहते हैं तो जहांगीरपुरी या शालीमार बाग से ऑटो ले सकते हैं।

बुरहान गढ़ किला

औरंगजेब का कनेक्शन बुरहानगढ़ के किला से भी रहा है। हाल ही में यह किला काफी चर्चा में भी रहा है। लोग यहां पर सोने के सिक्के ढूंढ रहे थे। माना जाता है कि यह जगह औरंगजेब की तिजोरी थी। यहां पर वह अपना लूटा हुआ खजाना रखता था। छावा फिल्म में भी इस चीज का जिक्र किया गया है। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है यह कहना मुश्किल है। अगर आप मध्य प्रदेश घूमने का प्लान कर रहे हैं तो इस किले को भी एक बार जरूर देखें। यह बहुत ही सुंदर किला है जो पर्यटकों को आकर्षित करता है। टूर एंड ट्रेवल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें!

सलीमगढ़ किला

इतिहासकारों के मुताबिक सलीमगढ़ के किले में औरंगजेब ने अपनी बेटी को करीब 20 साल तक कैद करके रखा था। यह किला दिल्ली में यमुना नदी के किनारे है जो लाल किले के पास है। माना जाता है कि औरंगजेब की बेटी जेब-उन-निसा का दिल बहुत ही अच्छा था और वह गरीबों की मदद किया करती थी। लिखने-पढ़ने के साथ उसे कविता और शायरी का भी शौक था। लेकिन यह आदत औरंगजेब को नहीं पसंद थी। यह किला भारत की प्रसिद्ध जगहों में से एक है। यहां पर आप सुबह 10 से लेकर शाम के 5 बजे तक जा सकते हैं।
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