
बिहार में घूमने लायक जगहें (सोर्स-सोशल मीडिया)
नवभारत डेस्क, नागपुर : घूमने के शौकीन लोग अमूमन पहाड़ी या समुद्र के तटीय इलाकों का रुख करते हैं। इसके अलावा मैदानी इलाकों की बात आती है तो लोग राजस्थान निकल जाते हैं। लेकिन हम आज आपको बताने जा रहे हैं एक अंडर एस्टिमेटेड ट्रैवल डेस्टिनेशन के बारे में जहां पहुंचकर आपको परम आनंद की अनुभूति होगी।
बिहार, एक ऐसा राज्य जिसे पिछड़े राज्यों के तौर पर देखा जाता है। लेकिन यहां एक ऐसा टूरिस्ट डेस्टिनेशन मौजूद है जो पूरी दुनिया में सिर्फ दो ही जगह है। इसके अलावा यहां और भी कई ऐसी जगहें है जहां पहुंचकर आपको लगेगा कि जहांगीर ने कश्मीर के बारे में जो कहा वह थोड़ा बहुत तो यहां पर भी लागू होता है। जहांगीर ने क्या कहा था यह आपको पता ही होगा। कुछ लोग उसे खुसरो का स्टेटमेंट भी बताते हैं। पर हम आपको साहित्यिक वाद विवाद में नहीं बिहार ले जाने आए हैं। चलिए चलते हैं–
राजगीर का ग्लास ब्रिज (सोर्स-सोशल मीडिया)
राजगीर को बिहार की सबसे ख़ूबसूरत जगह का तमगा मिला हुआ है। यहां पर छोटी-छोटी पहाड़ियों के बीच मौजूद वाटरफॉल आपको अपनी तरफ ऐसे खींचेगा कि हो सकता है आप न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम भूल जाएं। इसके अलावा यहां स्थित ग्लास ब्रिज पर पहुंचकर बिहार आपको चाइना का हुनान प्रांत और राजगीर झांगजियाजी लगने लगेगा।
कैमूर की पहाड़ियां (सोर्स-सोशल मीडिया)
घूमने के शौकीन लोगों को नेचर से लव होना आम बात है। अगर आप घुमक्कड़ी हैं तो आपको भी हो चुका होगा। ऐसे में बिहार के कैमूर एक बार ज़रूर आना चाहिए। यहां की पहाड़ियों में एन्सिएंट टाइम की रॉक कट पेंटिंग देखना आपको रोमांचित कर देगा। इसके अलावा यहां मौजदू वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, करकट और तेल्हार झरना भी देख सकते हैं। इतना ही नहीं रोहतास गढ़ फोर्ट पर पहुंचकर आप ऐतिहासिक विरासत को भी निहार सकते हैं।
बोधगया स्थिति गौतम बुद्ध की प्रतिमा (सोर्स-सोशल मीडिया)
बोधगया के बारे में आपने पहले ही सुन रखा होगा इसलिए मैं आपको यह बिल्कुल नहीं बताना चाहता कि यही वह जगह है जहां सिद्धार्थ ने सिद्धार्थ से गौतमबुद्ध बनने तक की अध्यात्मिक दूरी तय की थी। हम आपको यह भी नहीं बताएंगे कि यहां प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर स्थित है। जिसे आप देख सकते हैं। बिहार की राजधानी पटना से इसकी दूरी मात्र 101 किलोमीटर है।






