

International Trip from India: पहली बार विदेश जाने का उत्साह जितना बड़ा होता है डेस्टिनेशन चुनने की उलझन भी उतनी ही गहरी होती है। भारत के दो पड़ोसी देश नेपाल और भूटान भारतीय पर्यटकों की पहली पसंद हैं। हिमालय की गोद में बसे ये दोनों देश अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं लेकिन इनके बीच के 5 बड़े अंतर आपकी ट्रिप का पूरा गणित बदल सकते हैं।
नेपाल को दुनिया के सबसे पॉकेट फ्रेंडली देशों में गिना जाता है। यहाँ आप कम बजट में भी शानदार ट्रिप कर सकते हैं। वहीं भूटान 'High Value, Low Volume' नीति पर चलता है। भारतीयों के लिए भूटान में 1200 रुपये प्रति रात सस्टेनेबल डेवलपमेंट फी (SDF) देना अनिवार्य है जिससे भूटान की ट्रिप नेपाल के मुकाबले महंगी हो जाती है।
अगर आपको ट्रैकिंग, पर्वतारोहण और हलचल पसंद है तो नेपाल आपके लिए जन्नत है। काठमांडू की रौनक और पोखरा का एडवेंचर आपको थ्रिल देगा। इसके उलट, भूटान अपनी शांति, आध्यात्मिकता और सादगी के लिए जाना जाता है। यहां की हवा में सुकून है और यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो भीड़ भाड़ से दूर क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं।
नेपाल में एंट्री बहुत आसान है आप अपनी वोटर आईडी या पासपोर्ट के साथ प्रवेश कर सकते हैं। भूटान में भी वीजा नहीं चाहिए लेकिन भारतीयों को एक एंट्री परमिट लेना होता है जिसे आप पहले से ऑनलाइन या बॉर्डर पर बनवा सकते हैं।
भूटान दुनिया का पहला कार्बन नेगेटिव देश है। यहाँ प्लास्टिक और सार्वजनिक धूम्रपान पर सख्त पाबंदी है। सड़कें साफ-सुथरी हैं और ट्रैफिक लाइट की जगह इशारों पर काम होता है। नेपाल में आपको थोड़ा ज्यादा शोर-शराबा और धूल मिल सकती है हालांकि वहां की प्राकृतिक सुंदरता अद्वितीय है।
नेपाल में आपको भारतीय खाने से लेकर कॉन्टिनेंटल तक सब कुछ आसानी से और सस्ते में मिल जाएगा। भूटान का खाना काफी तीखा और अलग होता है। शॉपिंग के मामले में भी नेपाल के बाजार ज्यादा विविधतापूर्ण और सस्ते हैं।
अगर बजट कम है और एडवेंचर चाहिए तो नेपाल चुनें लेकिन अगर आप एक अनुशासित, शांत और लग्जरी अनुभव चाहते हैं तो भूटान आपकी पहली पसंद होना चाहिए।