गड़चिरोली: रेगड़ी में विकास कार्य ठप, बैंक और विश्रामगृह की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी।

Gadchiroli News: गड़चिरोली के रेगड़ी में बैंक सुविधा और जर्जर विश्रामगृह जैसी समस्याओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है। यहाँ बुनियादी विकास कार्य वर्षों से प्रलंबित हैं।
Social activists in Regadi, Gadchiroli, warn of protests over stalled development, dilapidated rest houses, and the lack of a nationalized bank, demanding urgent administrative action.
गड़चिरोली के रेगड़ी में बैंक (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Rural Development Maharashtra News: गड़चिरोली चामोर्शी तहसील का रेगड़ी गांव परिसर का महत्वपूर्ण गांव है। इस परिसर के अनेक गावों के लिए बाजारपेठ, यातायात तथा व्यवहार का मुख्य केंद्र के तौर पर रेगड़ी गांव की पहचान है। इसके बावजूद गांव के विकास कार्य सालों साल प्रलंबित रहने की स्थिति है। यहां पर बैंकिंग सुविधाओं का अभाव है। जिसके कारण नागरिकों को व्यापक दिक्कत हो रही है।

जिससे रेगड़ी परिसर की समस्या हल करें, अन्यथा आंदोलन करने की चेतावनी सामाजिक कार्यकर्ता उमेश मलिक, प्रकाश शाहा, अमित चक्रवर्ती ने दी है। इस दौरान कहा कि रेगड़ी में स्थित विश्रामगृह वर्तमान में पूर्ण रूप से जर्जर बन गया है। यह उपयोग योग्य नहीं रहा है। यात्री, अधिकारी तथा विभिन्न कार्य के लिए आने वाले नागरिकों के लिए यह विश्रामगृह व्यापक महत्वपूर्ण केंद्र था। लेकिन देखभाल तथा दुरुस्ती के अभाव में इमारत की दयनीय अवस्था हुई है। इस संदर्भ में ग्रामीणों ने निरंतर संबंधित विभाग की ओर प्रयास किया है।

लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। वरिष्ठ अधिकारियों की यहां की समस्याओं की ओर अनदेखी होने की भावना नागरिकों में व्यक्त की जा रही है। इसके अलावा परिसर की सबसे बड़ी बाजारपेठ होने के बावजूद रेगड़ी में अब तक एक भी राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा उपलब्ध नहीं है। जिससे व्यापारी, किसान तथा आम नागरिकों को वित्तीय व्यवहार के लिए दूरदराज पर जाना पड़ता है। सरकार की विभिन्न योजना, अनुदान, किसान लाभ, पेन्शन या डिजिटल व्यवहार के लिए बैंक की शाखा आवश्यक है, लेकिन रेगड़ी में यह सुविधा नहीं होना बड़ी शोकांतिका होने की बात कही जा रही है।

आंदोलन करने की दी चेतावनी

रेगड़ी गांव की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी अनेक समस्या कायम है। सड़कों की दयनीय अवस्था, अधूरी सार्वजनिक सुविधा, प्रशासन द्वारा विकास प्रारूप पर अमल न होना इससे गांव का विकास ठप हुआ नजर आ रहा है। इस गांव का विकास ही प्रलंबित होने से परिसर के अन्य गांवों पर भी इसका परिणाम हो रहा है। जिससे संबंधित विभाग तत्काल ध्यान देकर विश्रामगृह का पुनः - निर्माण, बैंक शाखा शुरू करें, अन्य प्रलंबित विकास कार्य शुरू करें, ऐसी मांग नागरकों द्वारा की जा रही है। प्रशासन द्वारा समय पर कदम नहीं उठाए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी सामाजिक कार्यकर्ता उमेश मलिक, प्रकाश शाहा, अमित चक्रवर्ती ने दी है।

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