कोका अभयारण्य में आज से जंगल सफारी शुरू, नए सीजन का आगाज, इको टूरिज्म से स्थानीयों को मिलेगा रोजगार

Koka Wildlife Sanctuary: भंडारा जिले के कोका अभ्यारण्य में जंगल सफारी का आज यानी 1 अक्टूबर से आगाज होने जा रहा है। नए सीजन का आगाज होते ही इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलने वाला है।
Koka Wildlife Sanctuary: भंडारा जिले के कोका अभ्यारण्य में जंगल सफारी का आज यानी 1 अक्टूबर से आगाज होने जा रहा है। नए सीजन का आगाज होते ही इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलने वाला है।
कोका अभ्यारण्य (सौजन्य-नवभारत)
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Bhandara News: नई सीजन की जंगल सफारी का आगाज बुधवार 1 अक्टूबर से हो रहा है। नवेगांव नागझिरा टाइगर रिजर्व (एनएनटीआर) के अंतर्गत भंडारा जिले के कोका वन्यजीव अभयारण्य के कोर एरिया में सफारी का उद्घाटन सुबह 8 बजे विधायक नरेंद्र भोंडेकर के हाथों एनएनटीआर फील्ड डायरेक्टर पीयूषा जगताप की विशेष उपस्थिति में किया जाएगा।

इस अवसर पर भंडारा कलेक्टर सावन कुमार, एसपी नूरुल हसन, डिसीएफ योगेंद्र सिंह, डीडी प्रीतमसिंह कोडापे उपस्थित रहेंगे। साथ ही एनजीओ सदस्य, वन्यजीव प्रेमी और वाइल्ड्लाइफ फोटोग्राफर भी उपस्थित रहेंगे।

जिले का अमूल्य संसाधन : रेंजर गोखले

कोका रेंजर सूरज गोखले के अनुसार, भंडारा जिले के लिए कोका वन्यजीव अभयारण्य एक वरदान है। यह न केवल जिले की वृक्ष संपदा और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि वन्यजीवों के संवर्धन के लिए भी आवश्यक है। अभयारण्य की सुरक्षा के साथ इको टूरिज्म को बढ़ावा देना भी जरूरी है।

इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है, उनके जंगल के प्रति भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होते हैं और जंगल पर उनकी प्रत्यक्ष निर्भरता कम होती है। संरक्षण और पर्यटन का संतुलन क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए लाभकारी साबित होता है।

बफर में पर्यटन को बढ़ावा : राजपूत

कोका की निर्मिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वाइल्ड वाच फाउंडेशन के सदस्य शैलेन्द्र सिंह राजपूत के अनुसार, कोका वन्यजीव अभयारण्य भंडारा शहर से मात्र 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहाँ टाइगर सहित निसर्ग की अद्भुत खूबसूरती देखी जा सकती है।

नागझिरा वन्य क्षेत्र का गौरवमयी इतिहास इस अभयारण्य से जुड़ा है। इसकी भौगोलिक स्थिति भंडारा, मोहाडी, तुमसर, लाखनी और साकोली तहसीलों के बीच होने के कारण इसे सभी स्थानों से आसानी से पहुँचा जा सकता है। इको टूरिज्म में इसमें और विकास की क्षमता है। भविष्य में बफर क्षेत्र में भी पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए।

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