
Incognito क्या है सेफ। (सौ. Freepik)
Incognito Mode Private Browsing: आज के डिजिटल दौर में हर वेब ब्राउज़र एक प्राइवेट मोड ऑफर करता है। Chrome में इसे “Incognito” कहा जाता है, जो यूज़र्स को एक सीक्रेट और सुरक्षित ब्राउज़िंग एक्सपीरियंस देने का दावा करता है। पहली नज़र में यह फीचर बेहद सरल और सुरक्षित लगता है बस प्राइवेट मोड ऑन करें और कोई ब्राउज़िंग हिस्ट्री, कुकीज़ या साइट डेटा सेव नहीं होगा।
लेकिन रिपोर्ट्स और एनालिसिस बताते हैं कि यह मोड सिर्फ सीमित गोपनीयता प्रदान करता है। आपकी इंटरनेट गतिविधि आपके इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP), आपके ऑफिस के बॉस या उन वेबसाइट्स को दिखाई दे सकती है जिन्हें आप विज़िट करते हैं। ऐसे में ज़रूरी है समझना कि प्राइवेट मोड असल में क्या करता है और क्या नहीं।
जब आप इंकॉग्निटो या प्राइवेट विंडो खोलते हैं, तो ब्राउज़र केवल आपके डिवाइस पर लोकल डेटा स्टोर करना बंद कर देता है। यह फीचर विशेष रूप से शेयर्ड या पब्लिक कंप्यूटर्स पर उपयोगी है।
यानि यह आपको सिर्फ डिवाइस पर प्राइवेसी देता है, इंटरनेट पर नहीं।
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नाम में “प्राइवेट” होने के बावजूद यह मोड आपको पूरी तरह से गुमनाम नहीं बनाता। इसकी कई महत्वपूर्ण सीमाएँ हैं:
विभिन्न ब्राउज़र में प्राइवेट सेशन खोलने के तरीके अलग-अलग होते हैं:






