25 मौतों पर सख्त टिप्पणी, हाई कोर्ट बोला-रेगुलेटरी चूक और अधिकारों का उल्लंघन

Bombay High Court: दिसंबर 2025 में हुए रोमियो लेन नाइट क्लब हादसे पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और क्लब मालिकों को मुआवजा देने का जिम्मेदार ठहराया है।
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बॉम्बे हाईकोर्ट (सौ. सोशल मीडिया )
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Romeo Lane Nightclub Verdict: बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिसंबर 2025 में हुए रोमियो लेन नाइट क्लब हादसे पर महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है।

जस्टिस सुमन श्याम और अमित जामसांडेकर की डिवीजन बेंच ने कहा कि इस हादसे में 25 लोगों की मौत गंभीर रेगुलेटरी चूक और बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन का सीधा परिणाम थी।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल इस आधार पर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कि नाइट क्लब एक निजी व्यवसाय था। सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी है। अदालत ने राज्य सरकार और क्लब के मालिकों, दोनों को पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार ठहराया।

जांच का दायरा बढ़ाया गया

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जांच का दायरा केवल एक नाइट क्लब तक सीमित न रखकर गोवा में स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था की संभावित नाकामियों की जांच तक बढ़ा दिया है।

सिस्टम की जवाबदेही पर जोर

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही और नियामकीय ढिलाई का परिणाम होती हैं। कोर्ट का यह फैसला न केवल पीड़ित परिवारों के लिए राहत का कदम है, बल्कि भविष्य में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की दिशा में भी एक अहम संदेश है।

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