

साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट का वर्ल्ड कप कहा जाने वाला मुकाबला डब्ल्यूटीसी फाइनल 11 जून से खेला गया। लंदन के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेले गए इस महामुकाबले को साउथ अफ्रीका ने 5 विकेट से अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही साउथ अफ्रीका 27 साल के बाद आईसीसी की ट्रॉफी को अपने नाम करने में कामयाब हो गई।
खिताबी मुकाबले में साउथ अफ्रीका के लिए एडन मार्करम सबसे सफल बल्लेबाज साबित हुए। उन्होंने चौथी पारी के दौरान अपना विकेट संभाल कर रखा। जिसका नतीजा ये रहा कि साउथ अफ्रीका 27 साल के बाद आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म करने में सफल रहा।
डब्ल्यूटीसी फाइनल 2025 में चौथी पारी के दौरान साउथ अफ्रीका को जीत के लिए कुल 282 रन की जरूरत थी। ऐसे में हर किसी को लग रहा था कि साउथ अफ्रीका इस मुकाबले को हार सकती है, क्योंकि चौथी पारी में इतना बड़ा स्कोर चेज कर आसान नहीं था। वहीं, एडन मार्करम इन सबसे से इतर किसी अन्य सोच के साथ ही मैदान पर उतरे थे। उन्होंने लोगों के द्वारा लगाए जा रहे कयासों को गलत साबित करते हुए साउथ अफ्रीका को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
चौथी पारी के दौरान ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज एडन मार्करम को आउट करने के लिए बेताब दिखे, लेकिन उन्होंने मैच जीत के करीब पहुंचने तक अपना विकेट संभालकर रखा। जब साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 6 रन की जरूरत थी, तब उन्हें जोश हेजलवुड आउट कर पाए। खिताबी मुकाबले में एडन मार्करम ने 136 रन की यादगार पारी खेली।
साउथ अफ्रीका के लिए इस ऐतिहासिक जीत में एडम मार्करम के अलावा कप्तान टेम्बा बावुमा और कगिसो रबाडा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बावुमा ने चोटिल होने के बावजूद अपना अर्धशतक पूरा किया। इस मैच में उन्होंने जुझारू पारी खेली। उन्होंने 134 गेंदों का सामना करते हुए 66 रन की अहम पारी खेली।
ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली पारी में स्टीव स्मीथ ने 66 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। स्टीव स्मिथ अब लॉर्ड्स के मैदान पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इसके अलावा वो डब्ल्यूटीसी फाइनल में भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। वहीं, युवा बल्लेबाज वेबस्टर ने पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा 72 रन बनाए।
अगर बात करें दूसरी पारी की तो यहां पर ज्यादातर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज प्लॉप साबित हुए। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम कुल 207 रन बना सकी। इस दौरान मिचेल स्टार्क ने सबसे ज्यादा 58 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने 43 रन बनाए।
साउथ अफ्रीका की इस ऐतिहासिक जीत में तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहली पारी में 5 तो दूसरी पारी में 4 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इस हिसाब से टेस्ट के खिताबी मुकाबले में रबाडा ने कुल 9 विकेट अपने नाम किए।
रबाडा के अलावा पहली पारी में मार्को यानसन 3 तो केशव महाराज और एडन मार्करम ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। वहीं, दूसरी पारी में लुंगी एडगिनी ने 3 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा मार्को यानसन, वियान मुल्डर और एडन मार्कर ने 1-1 विकेट अपने नाम किया।
ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली पारी में पैट कमिंस ने 6 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा मिचेल स्टार्क ने 2 और जोश हेजलवुड ने 1 विकेट अपने नाम किया। वहीं, दूसरी पारी में मिचेल स्टार्क ने 3 व जोश हेजलवुड और पैट कमिंस ने 1-1 विकेट अपने नाम किया।