

Vaibhav Suryavanshi Current Form News: राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने पिछले साल आईपीएल में शानदार डेब्यू कर सभी का ध्यान खींचा था, इन दिनों खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। 14 साल की छोटी उम्र में अंडर-19 और इंडिया A टीम में निरंतर धमाल मचाने वाले वैभव से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) में उनका बल्ला खामोश नजर आ रहा है। IPL 2026 मिनी ऑक्शन से पहले यह स्थिति राजस्थान रॉयल्स के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।
एशिया कप 2025 में इंडिया A के लिए वैभव सूर्यवंशी ने 144 रनों की तूफानी पारी खेलकर अपने भविष्य का संकेत दिया था। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए यह उम्मीद थी कि वह SMAT में बिहार के लिए वैसा ही प्रदर्शन दोहराएंगे। लेकिन टूर्नामेंट की शुरुआत उनके लिए बेहद निराशाजनक रही। 26 नवंबर को चंडीगढ़ के खिलाफ मैच में वैभव केवल 14 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद 28 नवंबर को मध्य प्रदेश के खिलाफ मात्र 13 रन पर पवेलियन लौटे। तीसरा झटका उन्हें 30 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के खिलाफ लगा, जहां वे सिर्फ 5 रन ही जोड़ सके। कुल मिलाकर उन्होंने तीन मैचों में सिर्फ 32 रन बनाए। यह प्रदर्शन उनके कद और प्रतिभा के बिल्कुल उलट माना जा रहा है।
पिछले साल सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स को कई मैचों में शानदार शुरुआत दिलाई थी, जिससे फ्रेंचाइजी को भविष्य का एक भरोसेमंद ओपनर मिल गया था। यही कारण था कि टीम ने अगले सीजन की रणनीति बनाते समय संजू सैमसन को ट्रेड करने तक पर विचार किया। लेकिन मौजूदा फॉर्म फ्रेंचाइजी के लिए खतरे की घंटी बनती दिख रही है। अगर वैभव जल्द फॉर्म में नहीं लौटते हैं, तो RR को मिनी ऑक्शन में एक बैकअप ओपनर की तलाश करनी पड़ सकती है। आमतौर पर टीमें हर पोजीशन के लिए बैकअप विकल्प लेकर चलती हैं, लेकिन वैभव के लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण राजस्थान ने इस ओर ध्यान नहीं दिया होगा। अब उनकी कमजोर शुरुआत को देखते हुए टीम किसी घरेलू खिलाड़ी पर बोली लगाने का मन बना सकती है।
वैभव सूर्यवंशी अपनी क्षमता से कहीं कम खेल रहे हैं। आईपीएल करियर की मजबूत शुरुआत के बाद उनसे काफी उम्मीदें हैं। वे युवा हैं और वापसी करने की पूरी क्षमता रखते हैं, लेकिन समय उनके पक्ष में ज्यादा नहीं है। SMAT के बाकी मैच उनके लिए बेहद अहम होंगे, क्योंकि इन्हीं प्रदर्शन के आधार पर राजस्थान रॉयल्स उनकी भूमिका तय करेगी।
युवा होने के कारण वैभव के पास मौका है कि वह आलोचनाओं को पीछे छोड़कर फिर से अपने पुराने अंदाज में लौटें और साबित करें कि वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की बड़ी पहचान बन सकते हैं।