

Right To Match Rules in IPL: आईपीएल 2026 का मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर को अबु धाबी में आयोजित किया जाएगा। इस नीलामी में कुल 359 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। हालांकि, इस दौरान सिर्फ 77 खिलाड़ियों की किस्मत चमकेगी। इस सीजन में सभी टीमों को मिलाकर कुल 77 स्लॉट की खाली है। ऐसे में सभी टीमें अपने पसंदीदा खिलाड़ी को शामिल करने की कोशिश करेगी। मिनी ऑक्शन से पहले सभी के मन में एक सवाल है कि आगामी सीजन के लिए राइट टू मैच (RTM) कार्ड का इस्तेमाल होगा या नहीं। आइए जानते हैं इसके बारे में।
आईपीएल में पहली बार राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल 2013 के ऑक्शन के दौरान किया गया था। इस कार्ड का उद्देश्य यही था कि टीमें अपने रिलीज किए गए खिलाड़ियों पर इसका उपयोग करके उन्हें फिर से टीम में शामिल कर सकते हैं। इसको पहली बार मेगा ऑक्शन में शामिल किया गया था। जिससे फ्रेंचाइजियों को कोर टीम बनाने में काफी मदद मिली थी। राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल केवल मेगा ऑक्शन के दौरान ही किया जाता है।
इसके बाद यह नियम आईपीएल 2018 से पहले हुए अगले मेगा ऑक्शन में भी लागू रखा गया। हालांकि, आईपीएल 2022 सीजन से पहले RTM कार्ड को हटा दिया गया। शुरुआती मेगा ऑक्शन में हर टीम को अधिकतम तीन RTM कार्ड इस्तेमाल करने की अनुमति थी।
आईपीएल 2022 में दो नई टीमें जुड़ी थी। जिसके बाद टीमों की संख्या बढ़कर 8 की जगह 10 हो गई। इसमें गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स को शामिल किया गया। इस ऑक्शन में बाकी टीमों का फायदा ना हो और सभी टीमें बराबरी की हो, इसलिए राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया गया था।
पहले नियमों के तहत एक टीम को अधिकतम तीन RTM कार्ड मिलते थे। हालांकि, आईपीएल 2025 सीज़न के ऑक्शन से पहले नियमों में बदलाव किया गया है। अब यदि कोई टीम एक भी खिलाड़ी रिटेन नहीं करती, तो उसे छह RTM कार्ड मिल सकते हैं। वहीं, अगर कोई फ्रेंचाइज छह खिलाड़ियों को रिटेन करती है, तो उसे RTM कार्ड का कोई विकल्प नहीं मिलेगा।