-
मंगल, 4 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Sports »
- Cricket »
- Inspiring Women Athletes From Nagpur Womens Day
संघर्ष से सफलता तक…नागपुर की इन 5 महिलाओं ने खेल जगत में बनाई अपनी पहचान, जानें उनकी प्रेरक कहानी
- Written By: उज्जवल सिन्हा
Nagpur Women Athletes: खेल जगत से जुड़ी भावना जगवानी, नेहा धबाले, सुहासिनी गाडे, प्रतिमा बोंडे और अल्फिया पठान की प्रेरक कहानियां सामने आईं। जिन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

विमेंस की स्पोर्ट्स
Nagpur Womens in Sports: सपनों की राह आसान नहीं होती, लेकिन मजबूत हौसले हर मुश्किल को पीछे छोड़ देते हैं। खेल जगत से जुड़ी पांच ऐसी महिलाओं की कहानी, जिन्होंने संघर्ष, सामाजिक सोच और सीमित संसाधनों की चुनौतियों को पार कर अपनी अलग पहचान बनाई और आज सैकड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। किसी ने ट्रैक पर दौड़कर देश का प्रतिनिधित्व किया, किसी ने क्रिकेट के मैदान में बेटियों के लिए नए रास्ते खोले। वहीं किसी ने खेल जगत में नई पेशेवर पहचान बनाई, तो किसी ने शारीरिक चुनौतियों को मात देकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का साहस दिखाया।
ऐसे शुरू हुआ था भावना का सफर
वैशाली नगर निवासी भावना जगवानी (30) का सफर विदर्भ की सादगी से शुरू होकर खेल जगत में एक मजबूत पहचान तक पहुंचा है। वो कहती हैं, ‘खिलाड़ियों की मेहनत को सिर्फ तालियां नहीं, पहचान भी मिलनी चाहिए’ और यही सोच उन्हें स्पोर्ट्स पीआर की दुनिया में ले आई। एजेंसी शुरू करना उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था। सीमित संसाधन, लोगों के सवाल और अनिश्चितता के बीच कई बार डर भी लगा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनका मानना है ‘हार परिस्थिति से नहीं, मन से होती है।’
भावना अपनी मां संगीता को श्रेय देते हुए कहती है ‘मां ने सिखाया- लोगों की चिंता छोड़ अपना काम करते रहो।’ पिता रमेश की कम आय के बावजूद परिवार ने कभी सपनों को छोटा नहीं होने दिया। महिला होने के कारण उन्हें कई चुनौतियां भी आई। वे कहती है आज ‘मेरी पहचान मेरे जेंडर से नहीं, मेरे परिणामों से है। पर्दे के पीछे रहकर क्रिकेट, कबड्डी, हॉकी जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लीग का सफल आयोजन कर वैश्विक मंच पर अपनी धमक जमाने वाली भावना नागपुर और विदर्भ की पहली महिला स्पोर्ट्स पीआर है, जिन्होंने पिछले साल वीपीटीएल के पहले सत्र में फ्रेंचाइजी टीम का हिस्सा बनकर सुर्खियां बटोरी।
सम्बंधित ख़बरें
Ben Stokes Statement: बेन स्टोक्स ने कर दिया बड़ा ऐलान, संन्यास के बाद निभाना चाहते हैं यह अहम जिम्मेदारी
SL vs IND Test Series: श्रीलंका रवाना होने के बाद क्या होगा टीम इंडिया का शेड्यूल? देखें पूरी स्क्वाड
पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव, खराब बल्लेबाजी के बीच विदेशी दिग्गज को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
Commonwealth Games 2026 में तिरंगा लहराने के बाद पैरा खिलाड़ियों का नया मिशन, अब एशियन गेम्स पर नजर
भावना बताती है उनका सपना क्रिकेटर बनना था, पूरा न होने पर उन्होंने दिशा बदली, लक्ष्य नहीं। आज वे खिलाड़ियों की कहानियों को दुनिया के सामने ला रही हैं साथ ही करीब एक दर्जन युवतियों को रोजगार भी उपलब्ध करवा रही है। उनका मानना है कि लड़कियों के लिए इस क्षेत्र में अच्छे अवसर है। उनका संदेश साफ है- ‘रुकिए मत, चाहे रास्ता कितना ही कठिन क्यों न हो। ठोकरें रास्ता बदल सकती हैं, मंजिल नहीं।’
सीमित संसाधनों के बावजूद हार नहीं मानी नेहा धबाले
नागपुर की भारतीय एथलीट नेहा धबाले (22) ने सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने साउथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का नाम रोशन किया। वर्तमान में नेहा साउथ सेंट्रल रेलवे, हैदराबाद में पदस्थ हैं। तुकड़ोजी पुतला कॉलोनी निवासी नेहा को स्कूल के दिनों से ही दौड़ने का शौक था।
शिक्षकों और कोच ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया। पिता विशाल और माता शोभा के सहयोग से उन्होंने जिला स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया। लोअर मिडिल क्लास परिवार से होने के कारण कई बार ट्रेनिंग, डाइट और प्रतियोगिताओं का खर्च उठाना मुश्किल हुआ। मनचाहे परिणाम न मिलने से निराशा भी मिली, लेकिन नेहा ने हार नहीं मानी। उनका कहना है कि इन्हीं कठिनाइयों ने उन्हें और मजबूत बनाया। नेहा लड़कियों को संदेश देती हैं कि सपनों पर भरोसा रखो, मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ो।
कोच बन सुहासिनी बेटियों को बनाने लगी क्रिकेटर
खेल मैदान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आज समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। इसी बदलाव की मिसाल नागपुर की क्रिकेट कोच सुहासिनी विवेक गाडे हैं, जिन्होंने अपनी पहल से सैकड़ों बेटियों को क्रिकेट के मैदान तक पहुंचने की प्रेरणा दी है। महिलाओं और बच्चियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने क्रिकेट कोचिंग शुरू की। आज उनकी साईं क्रिकेट अकादमी महाराष्ट्र की पहली ऐसी महिला क्रिकेट अकादमी मानी जाती है, जो खासतौर पर महिलाओं और लड़कियों को क्रिकेट से जोड़ने का काम कर रही है।
गाडे का मानना है कि पहले के समय में लड़कियों के लिए खेल में सुविधाएं बहुत सीमित थीं, लेकिन आज हालात काफी बदल चुके हैं। क्रिकेट में अब बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएं और करियर के अवसर उपलब्ध हैं। ऐसे में जरूरी है कि बच्चियां खुद पर विश्वास रखें और खेल को गंभीरता से अपनाएं। गाडे का कहना है कि विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में कई प्रतिभाशाली बच्चियां हैं, जिन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं। वे बच्चियों को संदेश देती हैं कि सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
प्रतिमा बोंडे की मेहनत और आत्मविश्वास ही बनी सबसे बड़ी ताकत
अंतरराष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टर प्रतिमा बोंडे का मानना है कि मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी ताकत है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर नागपुर और महाराष्ट्र का नाम रोशन करने वाली प्रतिमा कहती हैं कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि खिलाड़ी लगन और विश्वास के साथ मेहनत करे तो सफलता जरूर मिलती है।
यह भी पढ़ें: IPL 2026 का बिगुल बजा, पहले फेज में 20 दिन के शेड्यूल का हुआ ऐलान, पहले मैच में RCB से भिड़ेगी ये टीम
प्रतिमा बताती हैं कि पैरा पावरलिफ्टिंग बेहद कठिन खेल है, जिसमें अपने शरीर के वजन से कई गुना अधिक वजन उठाना पड़ता है। हर एक किलो वजन बढ़ाने के लिए लंबे समय तक लगातार अभ्यास और अनुशासन जरूरी होता है। कई बार प्रयास के बावजूद तुरंत परिणाम नहीं मिलते, लेकिन धैर्य और मानसिक मजबूती बनाए रखना ही खिलाड़ी की असली परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि एक महिला पैरा खिलाड़ी के रूप में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शारीरिक सीमाओं और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं।
चुनौतियों के बीच अल्फिया पठान की लक्ष्य पर कड़ी नजर
कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और अपने सपनों पर अटूट भरोसे ने नागपुर की युवा बॉक्सर अल्फिया अकरम पठान को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया है। हाल ही में उनका चयन एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ है, जिसे उनके लंबे संघर्ष और समर्पण का बड़ा परिणाम माना जा रहा है। अवस्थी नगर निवासी अल्फिया बताती हैं कि उनका सफर एक छोटे से सपने से शुरू हुआ था। बचपन से ही उन्हें खेलों में रुचि थी और जब उन्होंने बॉक्सिंग को अपनाया तो महसूस हुआ कि यही उनका सही रास्ता है।
नियमित अभ्यास, कड़ी ट्रेनिंग और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने से उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ता गया और सफलता की राह खुलती चली गई। हालांकि यह सफर आसान नहीं था। कई बार लगातार हार, चोट और कठिन परिस्थितियों के कारण निराशा भी हुई, लेकिन परिवार और कोच के समर्थन ने उन्हें हर बार संभाला और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अल्फिया का कहना है कि एक महिला खिलाड़ी के रूप में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, फिर भी उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी नजर नहीं हटाई। उनका संदेश है कि लड़कियां अपने सपनों पर विश्वास रखें-मेहनत और अनुशासन के साथ कोई भी मंजिल दूर नहीं।
- नवभारत लाइव के लिए नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट
Inspiring women athletes from nagpur womens day
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
भोजपुरी बवाल में मचा बवाल, बीच में शो छोड़कर चले गए पवन सिंह, निरहुआ हुए भावुक, तेज प्रताप यादव भी रह गए हैरान
Aug 04, 2026 | 11:38 PMजाग गई कांग्रेस…दिल्ली में MP संगठन को लेकर हुई बैठक, 6 जिला अध्यक्षों की छुट्टी तय; इन नेताओं पर गिरेगी गाज
Aug 04, 2026 | 11:29 PMक्या आपका भी मोबाइल मेट्रो में छूट गया है? वापस पाने के लिए जरूर अपनाएं यह आसान तरीका
Aug 04, 2026 | 11:11 PMमुंबई, पुणे और नागपुर को मिलेगा रफ्तार का नया पंख, राज्य में 2.80 लाख करोड़ की मेट्रो प्रोजेक्ट पर तेजी से काम
Aug 04, 2026 | 11:01 PMकहीं आपके शरीर में भी तो नहीं है प्रोटीन की कमी? ये 5 लक्षण बताते हैं बड़ा खतरा, जानिए बचाव का तरीका
Aug 04, 2026 | 11:00 PMयह तो बस कॉमेडी है, रिहा होने के बाद बोले उदयनिधि स्टालिन; तृषा कृष्णन विवाद में गिरफ्तार हुए थे DMK नेता
Aug 04, 2026 | 10:55 PMऑडिशन दिया, लेकिन नहीं हुआ सिलेक्शन, रामायण को लेकर श्रीनिधी शेट्टी बोलीं, साई पल्लवी को बताया परफेक्ट सीता
Aug 04, 2026 | 10:53 PMवीडियो गैलरी

सनातन पर विवाद के बाद अब त्रिशा-विजय टिप्पणी में फंसे उदयनिधि स्टालिन, पुलिस ने उठाया; देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 10:40 PM
कौन हैं JPSC आंदोलन के सोनम वांगचुक? मां को खोया, 11 FIR दर्ज हुए फिर भी नहीं झुके, देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 09:51 PM
दतिया में BJP की हार के बाद मचा हड़कंप! अपनों के धोखे और भीतरघात से उड़े नेताओं के होश! देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 09:48 PM
PK की जीत के बाद BJP ऑफिस में वीणा मानवी का फोन, लड्डू बांटने की बात वायरल! देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 07:33 PM
POK में बगावत! ट्रंप-ईरान संकट को लेकर क्या बोले मेजर जनरल राजन कोचर? Exclusive Interview
Aug 04, 2026 | 03:17 PM
NEET आंदोलन से चमके CJP के अभिजीत दीपके पर संकट, पढ़ाई के खर्च पर उठे सवाल! देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 03:13 PM














