

Side Effects Of Eno: ईनो का इस्तेमाल पेट संबंधी विकार जैसे- एसिडिटी, पेट फूलना या फिर गैस की समस्या में किया जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ईनो के अधिक सेवन से सिरदर्द, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन, कमजोरी, थकान, दिल की बीमारी, उलझन, पैरों और घुटनों में सूजन, कफ आना और उल्टी आना जैसी शिकायतों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपको ऐसी कोई भी शिकायत है तो इसे हल्के में ना लें और तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
इतना ही नहीं, प्रेग्नेंसी के दौरान भी ईनो का सेवन कम से कम किया जाना चाहिए। हालांकि दिन में एक बार इसका सेवन करने से कोई परेशानी नही होगी।
ENO एक एफ़रवेसेंट एंटासिड पाउडर है, जिसमें आमतौर पर सोडियम बाइकार्बोनेट, साइट्रिक एसिड और सोडियम कार्बोनेट होता है। जिसका इस्तेमाल सीने में जलन, अपच और एसिडिटी से राहत पाने के लिए किया जाता है।
इसके रोज़ाना इस्तेमाल से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है या इसकी आदत पड़ सकती है। ज्यादा इस्तेमाल करने पर पेट की एसिडिटी में बदलाव, पोषक तत्वों के अवशोषण में समस्या या किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
इसे कभी-कभी राहत पाने के लिए ही इस्तेमाल करें। एसिडिटी को कंट्रोल करने के लिए खान-पान में बदलाव या दूसरे एंटासिड के बारे में सोचें। यदि आपको पाचन संबंधी समस्याएं बार-बार होती है, तो गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी से उचित परामर्श लेना सही तरीका है।
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं लगातार तीन दिन तक ईनो लिया जा सकता है, लेकिन इससे ज्यादा बार लेने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जोकि आपके होने वाले बच्चे के लिए भी खतरनाक हो सकता है। अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान ईनो का सेवन करती हैं, तो इसके नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए सुबह शाम ठंडे दूध का सेवन जरूर करें। यदि दूध पीना पसंद ना हो तो ठंडे फल, जूस और मिल्क शेक का सेवन करना एक अच्छा चुनाव रहेगा।
ईनो में उच्च मात्रा में सोडियम होता है। इसलिए, अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर या कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (Congestive Heart Failure) की समस्या है या आप बिना नमक के खाना खाते हैं, तो आपको ईनो के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हाई बीपी या हृदय रोगियों को इसे बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं पीना चाहिए।
अगर आप रोज ईनो का इस्तेमाल करते हैं, तो पेट खुद से एसिड बनाना कम कर सकता है, जिससे आपकी पाचन क्रिया धीमी हो सकती है। बार-बार ईनो पीने से कुछ समय बाद एसिडिटी की समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
इसके अत्यधिक इस्तेमाल से शरीर में सोडियम असंतुलित हो सकता है, जो किडनी के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है।