बंबई हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के चुनाव पर लगाई रोक, 400 नए सदस्यों को जोड़ने पर उठाए सवाल

Maharashtra Cricket Association: बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के चुनाव पर रोक लगाई और नए 400 सदस्यों की वैधता पर सवाल उठाते हुए अगली सुनवाई चार फरवरी के लिए स्थगित की।
Bombay High Court Stops Maharashtra Cricket Association Elections
बंबई हाई कोर्ट ने एमसीए चुनाव पर रोक लगाई (फोटो-सोशल मीडिया)
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Bombay High Court Stops MCA Elections: बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को होने वाले महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (MCA) की शीर्ष परिषद के चुनाव पर रोक लगा दी है और निवर्तमान अध्यक्ष व एनसीपी विधायक रोहित पवार के रिश्तेदारों समेत 400 नए सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायाधीश गौतम अनखड़ की पीठ ने कहा कि जिस तरह से नए सदस्यों को जोड़ा गया, उससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि यह कार्य आनन-फानन में किया गया है।

अदालत ने यह आदेश उस याचिका पर सुनाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि चुनाव के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हो रहा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 20 दिसंबर 2025 को जारी मतदाता सूची में नए सदस्यों को जोड़ने में पक्षपात किया गया है।

केदार जाधव ने लगाया था आरोप

नए सदस्यों में रोहित पवार की पत्नी कुंती पवार, उनके ससुर सतीश मागर और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले भी शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं में पूर्व भारतीय क्रिकेटर केदार जाधव भी हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश नए सदस्यों का क्रिकेट से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। उनके अनुसार, यह कदम केवल इसलिए उठाया गया ताकि कुछ लोग अपने निजी संगठन की तरह MCA को चला सकें।

4 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

अदालत ने कहा कि नए सदस्यों की सूची और उनका चुनाव प्रक्रिया में शामिल होना प्रथम दृष्टया सामान्य और पारदर्शी नहीं लगता और इस कारण से चुनाव को रोकना आवश्यक है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई चार फरवरी के लिए निर्धारित की है। इस मामले ने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के चुनावी परिदृश्य में हलचल मचा दी है। पिछले कुछ सालों में रोहित पवार के नेतृत्व में MCA की गतिविधियों को लेकर विपक्षी गुटों की ओर से बार-बार सवाल उठते रहे हैं। अदालत के इस आदेश से अब चुनावी प्रक्रिया पर एक गंभीर कानूनी नजर डालने की जरूरत बन गई है।

अदालत का निर्णय न केवल MCA के चुनाव की वैधता पर असर डाल सकता है, बल्कि यह भी तय करेगा कि नए सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और निष्पक्ष रही। क्रिकेट से जुड़े विभिन्न अधिकारियों और समर्थकों की निगाहें अब चार फरवरी की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

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